
तेल अवीव, 16 जून । इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि अमेरिका के साथ मिलकर चलाए गए व्यापक सैन्य अभियान के बाद इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से पैदा हुए तात्कालिक अस्तित्वगत खतरे को निष्प्रभावी कर दिया है।श्री नेतन्याहू ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इजरायल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ढांचे पर व्यापक हमले किए, जिनमें मिसाइल निर्माण केंद्र, वायु रक्षा प्रणाली और अन्य रणनीतिक ठिकाने शामिल थे। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने “इजरायल राज्य को विनाश से बचा लिया।”
उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा, चाहे कोई समझौता हो या न हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह खतरा “न आज साकार होगा और न कल।”श्री नेतन्याहू ने कहा कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं अब भी इजरायल की सबसे बड़ी चिंता हैं और उनका देश ईरान की किसी भी परमाणु क्षमता का लगातार विरोध करता रहेगा।
उन्होंने कहा, “हमने विनाश के तत्काल खतरे को टाल दिया है। हमने परमाणु वैज्ञानिकों को खत्म किया, आतंकवादी शासन के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया और परमाणु प्रतिष्ठानों को तबाह कर दिया।”उन्होंने दावा किया कि इस अभियान से ईरान को सैन्य और आर्थिक रूप से भारी नुकसान हुआ है। उनके अनुसार ईरान को सैकड़ों अरब डॉलर का नुकसान पहुंचा है और कुछ आकलनों में यह आंकड़ा एक लाख करोड़ डॉलर के करीब बताया गया है।श्री नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ने ईरान समर्थित संगठनों हमास और हिजबुल्लाह के खिलाफ भी अपने अभियान का विस्तार किया है और सीमावर्ती क्षेत्रों में दीर्घकालिक सुरक्षा नियंत्रण बनाए रखेगा।उन्होंने गाजा, लेबनान, सीरिया, यमन और पश्चिमी तट में की गई सैन्य कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि इजरायली सेना ने “हर जगह” उग्रवादी ठिकानों और ढांचे को निशाना बनाया है।हमास नेतृत्व के बारे में उन्होंने कहा, “हमने मोहम्मद देइफ, इस्माइल हनियेह और याह्या सिनवार समेत हमास के कई शीर्ष नेताओं को खत्म कर दिया है।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि गाजा में बंधक बनाए गए सभी इजरायली नागरिकों की वापसी सुनिश्चित कर ली गई है। उन्होंने कहा, “हम गाजा से सभी बंधकों को वापस ले आए हैं, आखिरी व्यक्ति तक।”हिजबुल्लाह के खिलाफ अभियान का जिक्र करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया और उसकी मिसाइल क्षमता को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है।
उन्होंने कहा, “हमने अपने कट्टर दुश्मन हसन नसरल्लाह को खत्म कर दिया।” साथ ही दावा किया कि हिजबुल्लाह के पास मौजूद लगभग डेढ़ लाख रॉकेट और मिसाइलों में से अधिकांश को नष्ट कर दिया गया है।श्री नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ने अब गाजा, लेबनान और सीरिया की सीमाओं पर स्थायी सुरक्षा क्षेत्र स्थापित कर लिये हैं ताकि भविष्य में किसी भी हमले को रोका जा सके।
उन्होंने कहा, “इजरायल अपनी सीमाओं पर किसी भी आतंकवादी संगठन को जड़ें जमाने की अनुमति नहीं देगा।”श्री नेतन्याहू ने कहा कि सात अक्टूबर के हमलों के बाद इजरायल की सुरक्षा रणनीति में बुनियादी बदलाव आया है और अब देश केवल प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि पहले हमला करने की नीति अपना रहा है।
उन्होंने कहा, “हमने भय की दीवार तोड़ दी है। अब हम पहल करते हैं, हमला करते हैं, दुश्मन को चौंकाते हैं और उन लोगों को निशाना बनाते हैं जो हमारी जिंदगी के लिए खतरा हैं।”उन्होंने कहा कि मौजूदा अभियान इजरायल की दीर्घकालिक रक्षा नीति के पुनर्गठन का हिस्सा है। उनके अनुसार इजरायल क्षेत्र में खतरों को लगातार निष्प्रभावी करेगा, नए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाएगा, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाएगा और उन्नत सैन्य तकनीकों का विकास करेगा।
श्री नेतन्याहू ने कहा, “इजरायल आज पहले से कहीं अधिक मजबूत है और ईरान का तथाकथित ‘बुराई का धुरी तंत्र’ पहले से कहीं अधिक कमजोर।”