
नयी दिल्ली, 16 जून। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भोपाल के मेडिकल शिक्षा विभाग में कार्यरत उच्च श्रेणी लिपिक हीरो केसवानी से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में 1.47 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। ईडी के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने यह जानकारी दी।ईडी ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) भोपाल द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर धन-शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपनी जांच शुरू की। ईडी ने कहा कि उसकी जांच से पता चला है कि 1 जनवरी, 2005 से 3 अगस्त, 2022 के बीच केसवानी ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से 1.47 करोड़ रुपये की अधिक संपत्ति अर्जित की थी, जो उनकी वैध आय का लगभग 286.27 प्रतिशत है।ईओडब्ल्यू भोपाल के तलाशी अभियान के दौरान उसके घर से 86.73 लाख रुपये मिले, जिसके बारे में वह ठीक से बता नहीं पाया। आगे की जांच से पता चला कि अवैध कमाई उसकी पत्नी के नाम पर भेजी और निवेश की गई थी, जिसके पास आमदनी का कोई भरोसेमंद या सत्यापित किया जा सकने वाला स्वतंत्र स्रोत नहीं था। घरेलू कामों से आमदनी के दावे दस्तावेजी सबूतों में नहीं पाये गये।कुर्क की गई संपत्तियों में अचल संपत्ति, बैंक बैलेंस और नकदी शामिल हैं, जिनकी पहचान अपराध की कमाई के तौर पर हुई है। इन संपत्तियों को छिपाने या खत्म होने से रोकने के लिए कुर्क किया गया है।