निर्यात किये जाने वाले डीजल, विमान ईंधन पर उत्पाद शुल्क बढ़ा

निर्यात किये जाने वाले डीजल, विमान ईंधन पर उत्पाद शुल्क बढ़ा

नयी दिल्ली, 16 जून। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच सरकार ने निर्यात किये जाने वाले डीजल और विमान ईंधन पर उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया है।डीजल के पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क में 50 पैसे और विमान ईंधन पर तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गयी है। वित्त मंत्रालय की सोमवार देर रात जारी अधिसूचना में बताया गया है कि नयी दरें 16 जून 2026 से लागू होंगी।

यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में नरमी देखी जा रही है। कच्चे तेल का मानक लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा आज दो प्रतिशत टूटकर 81.5 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। सोमवार को इसमें पांच प्रतिशत की गिरावट देखी गयी थी।निर्यात वाले डीजल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क 13.5 रुपये से बढ़ाकर 14 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। विमान ईंधन पर अब 9.5 रुपये की जगह 12.5 रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क लगेगा। वहीं, निर्यात किये जाने वाले पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 1.50 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रखा गया है।

इन दरों में पिछली बार 01 जून को बदलाव किये गये थे। उस समय निर्यात वाले पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 1.50 रुपये, डीजल पर तीन रुपये और विमान ईंधन पर 6.50 रुपये घटाये गये थे।उत्पाद शुल्क की ये दरें घरेलू बिक्री पर लागू नहीं होंगी। साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को किये जाने वाले निर्यात पर भी ये दरें लागू नहीं होंगी।

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