जनगणना की वजह से समय से पहले हो सकते हैं विधानसभा चुनाव

जनगणना की वजह से समय से पहले हो सकते हैं विधानसभा चुनाव

लखनऊ, 16 जून । गोवा, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव फरवरी 2027 में होने थे, लेकिन जनगणना के साथ तारीखें टकराने से कम से कम एक महीना पहले कराए जा सकते हैं।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं ने इन राज्यों में चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि चुनाव और जनगणना दोनों के लिए एक ही सरकारी कर्मचारियों का पूल इस्तेमाल होता है, इसलिए स्टाफ की कमी सबसे बड़ी वजह है।

दरअसल जनगणना 2027 दो चरणों में होगी। पहला चरण, हाउस लिस्टिंग, अभी चल रहा है। दूसरा चरण, जनसंख्या गणना और जातिगत गणना, फरवरी 2027 में तय है। 2022 में भी इन पांचों राज्यों के चुनाव फरवरी में ही हुए थे।भाजपा के एक वरिष्ठ राष्ट्रीय पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “जनगणना करने वाले और चुनाव कराने वाले कर्मचारी एक ही हैं जिसमे ज्यादातर शिक्षक और सरकारी कर्मचारी शामिल होते हैं । दोनों काम एक साथ होंगे तो मैनपावर की भारी कमी होगी। इसलिए सभी राज्यों में चुनाव पहले कराने पर चर्चा हुई है।”

पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 में खत्म हो रहा है, जबकि यूपी विधानसभा का कार्यकाल मई 2027 में पूरा होगा। हिमाचल प्रदेश और गुजरात में भी 2027 के अंत में चुनाव होने हैं। भाजपा हिमाचल और पंजाब को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में सत्ता में है।सूत्रों की मानें तो मणिपुर में 2023 से कुकी-मैतेई झड़पों और हाल के महीनों में कुकी-नागा टकराव के चलते हालात ठीक नहीं हैं। ऐसे में संभावना है कि मणिपुर में चुनाव बाकी राज्यों के साथ न होकर बाद में कराए जाएं।

उत्तराखंड में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश में है। पार्टी ने यहां दिसंबर 2026 में ही चुनाव कराने का सुझाव दिया है। एक राज्य नेता ने कहा, “अगर साल के अंत में चुनाव हो जाते हैं तो कर्मचारियों को जनगणना से पहले पूरे एक महीने का आराम मिल जाएगा। दोनों कामों का बोझ एक साथ नहीं पड़ेगा।”भाजपा के पदाधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वीकेंड पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में साफ कहा कि “हमें चुनाव लड़ना है और जीतना है।”

भाजपा के सूत्रों का कहना है कि गोवा में भाजपा ने 2022 में 40 में से 20 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाई थी। यहां कैडर चाहता है कि चुनाव जल्दी हों ताकि विपक्ष पर्यावरण और जमीन के मुद्दों पर एकजुट न हो पाए।उत्तर प्रदेश में भाजपा फिर से तीसरी बार जीत दर्ज करने के लिए तैयार है। राज्य में समय से पहले चुनाव होने की अटकलों को लेकर भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी ने कहा, “यूपी में प्रो-इनकंबेंसी है। पश्चिम बंगाल में बड़ी जीत से कार्यकर्ताओं में जोश है। चुनाव कुछ महीने पहले भी होते हैं तो हम तैयार हैं और जीत के लिए पूरी तरह आश्वस्त हैं।”

पदाधिकारी ने कहा कि वैसे तो भाजपा सैद्धांतिक रूप से विधानसभा का कार्यकाल छोटा करके जल्दी चुनाव के पक्ष में नहीं रहती, लेकिन इस बार लॉजिस्टिक दिक्कतों के चलते अपवाद बनाना पड़ सकता है। पश्चिम बंगाल में मिली बड़ी जीत और सरकार की ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की मंशा भी जल्दी चुनाव के पक्ष में तर्क बन रहे हैं।

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