
एटा, 17 जून । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं एटा के पूर्व सांसद राजवीर सिंह ने राम मंदिर निर्माण में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की भूमिका को निर्णायक बताते हुए कहा कि उनके योगदान के बिना अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव नहीं हो पाता। उन्होंने साथ ही भाजपा के स्थानीय नेताओं को संगठन हित में एकजुट होकर कार्य करने की नसीहत दी।जिला पंचायत परिसर में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प प्रबुद्ध जन सम्मेलन’ में संबोधन के दौरान जब एक कार्यकर्ता ने ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाया तो श्री सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नेतृत्व और निर्णयों ने राम मंदिर आंदोलन को मजबूती प्रदान की। उन्होंने कहा कि यदि उस समय कल्याण सिंह मुख्यमंत्री नहीं होते तो मंदिर निर्माण का सपना साकार होने में और लंबा समय लग सकता था।
राम मंदिर में चंदा अनियमितता के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि तथ्यों के सामने आने के बाद ही इस मामले पर कोई टिप्पणी की जा सकती है।पूर्व सांसद ने भाजपा संगठन के भीतर गुटबाजी और मतभेदों पर भी खुलकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पार्टी के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सभी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की उपस्थिति होनी चाहिए थी। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से अनुपस्थित नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि व्यक्तिगत वर्चस्व की लड़ाई के लिए पार्टी को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा, “पार्टी मां के समान होती है। जो व्यक्ति पार्टी को कमजोर करने का प्रयास करता है, वह संगठन के साथ अन्याय करता है। हम पार्टी से हैं, पार्टी हमसे नहीं है। यदि पार्टी मजबूत रहेगी तो हम भी मजबूत रहेंगे।”श्री सिंह ने कार्यकर्ताओं और नेताओं से संगठन को सर्वोपरि मानकर कार्य करने की अपील की और कहा कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर पार्टी हित में काम करना चाहिए।
समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव द्वारा एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के साथ भाजपा के खिलाफ चुनावी रणनीति संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दल चाहे जितना गठबंधन कर लें, भाजपा के जनाधार और संगठनात्मक शक्ति पर उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के विरुद्ध एकजुट होने के बावजूद विपक्ष पार्टी को राजनीतिक नुकसान नहीं पहुंचा सकेगा।सम्मेलन में केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों, विकसित भारत-2047 के संकल्प और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।