बहुदिश-संबंध वाली सोच से मोदी की यूरोप यात्रा में मिले ठोस आर्थिक परिणाम

बहुदिश-संबंध वाली सोच से मोदी की यूरोप यात्रा में मिले ठोस आर्थिक परिणाम

नयी दिल्ली, 17 जून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर बैठक में द्विपक्षीय मुलाकातों से निकले आर्थिक परिणामों को अधिकारी एक बड़ी उपलब्धि मानते हुए इसे भारत की वहुदिश-संबंध की सोच (कई देशों के साथ तालमेल बिठाने का तरीका) की सफलता मान रहे हैं।फ्रांस एवियन शहर में जी7 सम्मेलन के लिए जुटे कई नेताओं के साथ प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठक से कई बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों के साथ आर्थिक संबंधों के नजरिए से कई अच्छे नतीजे सामने आए हैं।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केर स्टार्मर के साथ श्री मोदी की मुलाकात के बाद दो देशों के बीच हुए व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते को 15 जुलाई से लागू करने की घोषणा हुई है। इससे दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार एवं निवेश में बहुत बढ़ोतरी होने का अनुमान है।इसी तरह कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात के बाद जारी भारत-कनाडा संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि “दोनों नेता कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सेपा) के लिए बातचीत में हुई प्रगति से संतुष्ट हैं” और उन्होंने “2026 में बातचीत पूरी करने के अपने साझा उद्देश्य” को फिर से दोहराया है।

श्री मोदी की यूरोपीय संघ के नेतृत्व के साथ बैठक में, यूरोपियन कमीशन और यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष ने कहा: “चूंकि हमने सबसे बड़ा व्यापार समझौते की बातचीत पूरी कर ली है, इसलिए हम अपने वादों को पूरा करने के लिए तेज़ी से काम कर रहे हैं। हम साल के आखिर तक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।”यहां अधिकारियों ने कहा,”इन सभी बातों से पता चलता है कि मोदी का बहु-संरेखण दृष्टिकोण कनाडा, ब्रिटेन और यूरोपियन यूनियन के साथ ठोस आर्थिक नतीजों में कैसे बदल रहा है।”

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