
नयी दिल्ली 02 अगस्त । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक एवं दिल्ली सरकार के प्रवक्ता हरीश खुराना ने आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज की ओर से प्रदेश सरकार पर लगाये गये साइकिल घोटाले के आरोप को निराधार बताया है और कहा कि वह इसके माध्यम से पेपर लीक मामले को लेकर मुश्किल में फंसी भगवंत मान सरकार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।श्री खुराना ने रविवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा श्री भारद्वाज द्वारा एक व्यापारिक कम्पनी की आधारहीन शिकायत पर दिल्ली में साइकिल घोटाले का आरोप लगाना प्रदेश, पंजाब और देश की जनता का ध्यान स्कूल बैग घोटाले के साथ ही अलग अलग छह पेपर लीक मामलों में फंसी पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान को बचाने का प्रयास है।
श्री खुराना के अनुसार असल में दिल्ली में मिली हार से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेता मानसिक संतुलन खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने खास तौर पर तैयार किया गया टेंडर बनवा के पंजाब की सभी स्थानीय कम्पनियों को निविदा प्रक्रिया से बाहर कर दिया और पंजाब कक्षा 11 और 12 के छात्रों को मुफ्त वितरण के लिए फिर दिल्ली की एक कम्पनी से चार लाख बैग सरकारी पैसे से खरीदे और वो भी ‘आप’ के झंड़े के रंग पीले नीले में बनवाकर और उस पर मुख्यमंत्री की फोटो लगवाई गयी। पार्टी रंग के बैग बांटना, वो भी 11वीं एवं 12वीं के छात्रों को कहीं न कहीं अगले साल पंजाब चुनाव में 18 साल का होकर पहली बार वोट डालने वाले छात्रों को रिश्वत देने के सामान है। उन्होंने कहा कि पंजाब के स्कूल बैग निर्माण और विक्रय करने वाले व्यापारियों में ‘आप’ सरकार द्वारा चार लाख स्कूल बैग की खरीद पंजाब के बाहर से मनमाने दामों पर करने से रोष है।श्री खुराना ने कहा कि साइकिल खरीद में कोई घोटाला नहीं हुआ है। दिल्ली सरकार ने पूर्ण रूप से पारदर्शी प्रक्रिया से दिल्ली की बेटियों के लिए साइकिलें ख़रीदी है, लेकिन आप नेता हमेशा दिल्ली के दुश्मन रहे हैं। इसलिए बेतुके और अनर्गल आरोप लगाना उनकी मानसिकता है। उन्होंने जानकारी दी कि साइकिलें अलग अलग मॉडल और फीचर के साथ आती हैं। सामान्यत: दिल्ली के बाजारों में चार से पांच हजार से लेकर 40 से 50 हजार तक की साइकिल उपलब्ध हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दिल्ली में कोई साइकिल घोटाला नहीं हुआ है बल्कि पंजाब में स्कूल बैग घोटाला हुआ है और पेपर लीक के अनेक मामले सामने आए हैं, जिसको लेकर लोगों में रोष है और अगले साल सत्ता से उसकी विदाई तय है।