
नयी दिल्ली, 18 जून। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 21 जून को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा-यूजी (नीट-यूजी) पुनर्परीक्षा की तैयारियों के आकलन के लिए गुरुवार को यहां उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।श्री प्रधान ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और दक्षता के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने और पूरी तैयारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पुनर्परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए मंत्रालय की ओर से नामित अधिकारी सभी राज्यों में भेजे जायेंगे, जो परीक्षा संबंधी गतिविधियों का समन्वय करेंगे और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक की अध्यक्षता वाले कमांड सेंटर को नियमित रिपोर्ट देंगे।
उन्होंने राज्य सरकारों के नोडल अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्रों पर तनावमुक्त वातावरण मिले और उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जाये।स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने कहा कि परीक्षार्थियों को बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्यों की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि वे बिना किसी परेशानी के परीक्षा दे सकें।
उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने पुनर्परीक्षा से पहले के समय को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सक्रिय समन्वय, समयबद्ध निर्देशों के प्रसार और सभी निर्धारित प्रोटोकॉल के कड़ाई से पालन पर बल दिया। एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि एजेंसी जिला स्तर की समन्वय समितियों, राज्य पुलिस विभागों और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर परीक्षा के सुरक्षित और सुचारु आयोजन के लिए कार्य कर रही है।