
अयोध्या, 19 जून। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या अब उपेक्षित और तिरस्कृत नहीं है। अब न तो रामभक्तों पर कोई लाठी-गोली चला सकता है और न ही कोई प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर उंगली उठा सकता है। उन्होंने कहा कि आज की अयोध्या त्रेतायुग की भव्यता का स्मरण कराती है।मुख्यमंत्री शुक्रवार को नगर निगम अयोध्या में 290 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 245 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने रामायण वैक्स म्यूजियम और नगर निगम के जोनल कार्यालय भवन का भी लोकार्पण किया तथा विकास पुस्तिका का विमोचन किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लगभग 40 वर्ष पूर्व जब उन्हें पहली बार अयोध्या आने का अवसर मिला था, तब यहां की स्थिति देखकर उन्हें गहरा दुःख हुआ था। उस समय रामजन्मभूमि आंदोलन चल रहा था और पूरे क्षेत्र में संघर्ष तथा भय का माहौल था। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है और अयोध्या का गौरव विश्व स्तर पर स्थापित हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद उन्होंने अयोध्या की स्थिति को बदलने का संकल्प लिया। उस समय यहां संकरी गलियां, गंदगी, सीमित बिजली व्यवस्था और अव्यवस्थित आधारभूत सुविधाएं थीं। सरकार ने दीपोत्सव जैसे आयोजनों की शुरुआत की, जो आज वैश्विक पहचान बन चुके हैं और जिनमें लाखों लोग सहभागी होते हैं।
उन्होंने कहा कि अयोध्या अब चारों दिशाओं से फोरलेन सड़कों, रेलवे की डबल लाइन तथा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जुड़ चुकी है। सरकार ने अयोध्या के विकास के लिए 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की हैं और विकास कार्यों में कभी धन की कमी नहीं आने दी गई।मुख्यमंत्री ने नगर निगम द्वारा संचालित स्वच्छता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता और सौंदर्यीकरण से अयोध्या की सकारात्मक छवि देश-दुनिया में बनी है। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने पीपीपी मॉडल पर रामायण वैक्स म्यूजियम जैसे अभिनव प्रयास किए हैं, जो आने वाले समय में पर्यटन और सांस्कृतिक जागरूकता को नई दिशा देंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग आज भी समाज में वैमनस्य फैलाकर अयोध्या को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। ये वही लोग हैं जो पहले भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और रामभक्तों पर लाठी-गोली चलवाते थे। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि भावी पीढ़ियों के हित में विकास परियोजनाओं की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रधानमंत्री के आह्वान “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से जुड़ने तथा जल संरक्षण को बढ़ावा देने की भी अपील की।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली सफाई कर्मियों ललिता देवी, रागिनी और गीता देवी को सम्मानित किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेदप्रकाश गुप्त, अमित सिंह चौहान, अभय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।