
नयी दिल्ली, 21 जून। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) पुनर्परीक्षा के सफल आयोजन के बाद पुष्टि की है कि इसमें शामिल हुए 22 लाख से अधिक परीक्षार्थियों में 10,000 से अधिक दिव्यांग उम्मीदवार शामिल थे। इसके अलावा स्वास्थ्य से संबंधित गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे 81 उम्मीदवारों के लिए विशेष प्रावधान और व्यवस्थाएं की गई थीं।
एजेंसी ने उम्मीदवारों के लिए किए गए इंतजामाें के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बड़े पैमाने पर योजना बनाई गई थी ताकि जिन परीक्षार्थियों को खास मदद की दरकार थी, वे बिना किसी रुकावट के परीक्षा दे सकें। एनटीए के मुताबिक 81 चिकित्सा स्थिति वाले उम्मीदवारों के लिए खास इंतजाम किए गए थे, जो सेहत से जुड़ी दिक्कतों के बावजूद परीक्षा देने के लिए तैयार थे। इनमें एक सड़क दुर्घटना से उबर रहा उम्मीदवार और दूसरा कीमोथेरेपी करवा रहा उम्मीदवार शामिल था।
एनटीए ने सोशल मीडिया पर कहा कि एक नीट उम्मीदवार सृष्टि दुबे की सड़क दुर्घटना में नौ पसलियां टूट गई थीं और फेफड़ों में गंभीर चोटें आई थीं लेकिन दोबारा परीक्षा में शामिल हुईं। एजेंसी ने कहा कि उसकी बड़ी शल्य और गहन चिकित्सा के बाद उसके परिवार ने खास इंतजाम के लिए एनटीए से संपर्क किया। इसके बाद एनटीए ने केंद्र में एक अलग ग्राउंड-फ्लोर पर परीक्षा कक्ष, मेडिकल समर्थन और एक स्टैंडबाय एम्बुलेंस का इंतजाम किया, जिससे वह ठीक होने के दौरान परीक्षा दे सके। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी उसके माता-पिता से बात की, जिन्होंने मदद के लिए एजेंसी और मंत्री को धन्यवाद दिया।
अधिकारियों ने हालांकि प्रवेश समय पर परीक्षा के नियमों को सख्ती से लागू किया और तय समय-सीमा के बाद पहुंचने वाले उम्मीदवारों को अनुमति नहीं दी। नीट-यूजी दोबारा परीक्षा देने वाले मध्य प्रदेश के एक उम्मीदवार को अपने परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।