
दांबुला, 21 जून । सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (94) के जवाबी हमले से थर्रा उठा श्रीलंका ए और भारत ए ने रविवार को 66 रन की जीत के साथ त्रिकोणीय ए सीरीज का खिताब जीत लिया। प्लेयर ऑफ द मैच सूर्यवंशी, कप्तान तिलक वर्मा (67), ऋतुराज गायकवाड़ (40) और अनुकूल रायॅ (39) के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ए ने नौ विकेट पर 377 रनों का विशाल स्कोर बनाया और श्रीलंका ए को 47.1 ओवर में 311 रन पर ढेर कर दिया।भारत ने शानदार अंदाज़ में ट्राई-सीरीज़ खत्म की। टूर्नामेंट की धीमी शुरुआत के बाद, उन्होंने आखिरी दो मैचों (जिसमें अफ़गानिस्तान ए के खिलाफ़ ज़रूरी लीग मैच भी शामिल था) में अपना बेहतरीन खेल दिखाया और श्रीलंका ए के खिलाफ़ फ़ाइनल में 66 रनों की आसान जीत के साथ अपने अभियान का समापन किया।
377 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए, श्रीलंका को अपने टॉप-ऑर्डर के बल्लेबाज़ों में से कम से कम एक से बड़ी पारी की ज़रूरत थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। कोई भी बल्लेबाज़ अपनी अच्छी शुरुआत को मैच जिताऊ पारी में नहीं बदल पाया। मैच निर्णायक रूप से भारत के पक्ष में तब झुका जब यश ठाकुर ने पहले पावरप्ले में श्रीलंका के टॉप तीन बल्लेबाज़ों को आउट कर दिया। सदीरा समरविक्रमा (52) और वनुजा सहान (62) ने अर्धशतक लगाए और ज़रूरी रन रेट को काबू में रखा, लेकिन श्रीलंका लगातार अंतराल पर विकेट गंवाता रहा। अंत में, उनके चेज़ में कभी भी ज़रूरी रफ़्तार नहीं आ पाई और वे लक्ष्य से काफ़ी पीछे रह गए।यश ठाकुर और विप्रज निगम ने तीन-तीन तथा अनुकूल रॉय ने दो विकेट लेकर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभायी। हालांकि भारत की जीत के सबसे बड़े हीरो रहे सूर्यवंशी,जिन्होंने मात्र 11 गेंदों में अर्धशतक ठोकने सहित मात्र 29 गेंदों में 10 चौकों और आठ छक्कों की मदद से 94 रनों की तूफानी पारी खेली।
इससे पहले आज यहां श्रीलंका ए टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी भारत ए के लिए वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य की सलामी जोड़ी ने अतिशी बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए पहले विकेट के लिए महज 8.5 ओवरों में 132 रन ठोक डाले। इस दौरान वैभव सूर्यवंशी ने तूफानी बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका के गेंदबाजों की खूब खबर ली। उन्होंने मात्र 11 गेंद पर अर्धशतक जड़कर विश्व रिकॉर्ड बना दिया। यह लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक है। लेकिन वह लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज शतक बनाने से चूक गए। उन्हें नौवें ओवर में सहान अराछिगे ने आउट किया। अगले ही ओवर में दुलाज समुदिथा ने प्रियांश आर्य को आउट कर भारत ए के रनों की रफ्तार को धीमा कर दिया। प्रियांश आर्य ने 29 गेंदों में छह चौके और एक छक्का उड़ाते हुए 39 रन बनाये।इसके बाद तिलक वर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 84 रन जोड़े। 28वें ओवर में मोहम्मद शीराज ने ऋतुराज गायकवाड़ को बोल्ड कर इस साझेदारी को तोड़ा । ऋतुराज गायकवाड़ ने 51 गेंदों में दो चौके और एक छक्का लगाते हुए (40) रन बनाये। कुमार कुशाग्र (36), सूर्यांश शेडगे (दो) रन बनाकर आउट हुये। 41वें ओवर में वनुजा सहन ने तिलक वर्मा को आउट किया। तिलक वर्मा ने 90 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाते हुए (67) रन बनाये। भारतीय बल्लेबाजों ने आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाने के प्रयास में अपने विकेट गंवाये दिये। निशांत सिंधु (16) और विप्रज निगम 20 गेंदों में (27) रन बनाकर आउट हुये। अनुकूल रॉय ने ऐसे समय आतिशी बल्लेबाजी की जब लग रहा था कि भारत 350 रनों के स्कोर तक भी नहीं पहुंच पायेगा। उन्होंने 15 गेंदों में एक चौका और चार छक्के उड़ाते हुए (39) रनों की पारी खेली। भारत ए ने निर्धारित 50 ओवरों में नौ विकेट पर 377 रनों का स्कोर बनाया जिसका पीछा करते हुए श्रीलंकाई पारी का दम निकल गया।
श्रीलंका ए के लिए कुगादास मतुलन, रविंदु फ़र्नांडो और वनुजा सहन ने दो-दो विकेट लिये। मोहम्मद शीराज, सहान अराछिगे और दुलाज समुदिथा ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।