
नयी दिल्ली, 22 जून । सरकार ने कहा है कि खरीफ 2026 के दौरान किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और यूरिया, डाय-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) तथा सल्फर लेकर आ रहे चार मालवाहक जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं।रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने सोमवार को यहां एक बयान में कहा कि गत सप्ताह होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने वाले ये जहाज कृष्णापट्टनम, काकीनाडा, पारादीप और मुंद्रा बंदरगाहों पर पहुंचकर उर्वरकों की नयी खेप उतारेंगे, जिससे देश में उपलब्ध भंडार को और मजबूती मिलेगी। मंत्रालय के अनुसार 22 जून तक देश में कुल उर्वरक भंडार 196.08 लाख टन पर पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 168.67 लाख टन की तुलना में अधिक है।
मंत्रालय का कहना है कि एक मार्च से 21 जून के बीच देश में उर्वरकों की बिक्री 153.4 लाख टन रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 140.2 लाख टन से 13.2 लाख टन अधिक है। इसी अवधि में घरेलू उत्पादन बढ़कर 133.12 लाख टन तक पहुंच गया, जबकि 43.69 लाख टन उर्वरकों का आयात भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचा, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना रहा।सरकार के अनुसार हाल की वैश्विक निविदा प्रक्रिया में 17.70 लाख टन यूरिया का अनुबंध किया गया है। इसके साथ ही खरीफ मौसम के लिए वैश्विक बाजार से 90 लाख टन से अधिक यूरिया तथा फॉस्फेट एवं पोटाश (पी एंड के) उर्वरकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा चुकी है। उर्वरक विभाग राज्य सरकारों, वितरण एजेंसियों और सहकारी संस्थाओं के साथ मिलकर देशभर में उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रहा है।