
लखनऊ, 23 जून। लखनऊ में अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन मोड में हैं। अलीगढ़ में कार्यक्रम रद्द कर सीधे लखनऊ पहुंचे मुख्यमंत्री ने पहले घटनास्थल का जायजा लिया, फिर केजीएमयू में घायलों से मिले। इसके बाद उच्च स्तरीय बैठक कर चार आरोपियों की गिरफ्तारी और चार अफसरों को निलंबित करने के निर्देश दिए।हादसे के वक्त मुख्यमंत्री अलीगढ़ में लोगों को संबोधित कर रहे थे। मंच से ही घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने सभी कार्यक्रम रद्द कर लखनऊ रवाना होने की घोषणा की। इससे पहले उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत अफसरों को मौके पर भेजकर राहत-बचाव के निर्देश दिए थे। लखनऊ पहुंचते ही योगी सीधे अलीगंज घटनास्थल पहुंचे और राहत-बचाव कार्य देखा। इसके बाद केजीएमयू ट्रामा सेंटर जाकर घायलों का हाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद का ऐलान किया। मुख्यमंत्री आवास 5 कालीदास मार्ग पर हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई। इसमें एसीएस अमृत अभिजात और एडीजी प्रवीण कुमार के नेतृत्व में दो सदस्यीय एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया गया।एसआईटी को सात दिन में रिपोर्ट देनी है और बड़े अफसरों की जवाबदेही भी तय करनी है। पुलिस ने रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तूशॉक कृष्णा जायसवाल और सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बिजली विभाग के एक्सईएन गौरव कुमार, एफएसएसओ कमलेंद्र कुमार सिंह, लविप्र के सहायक अभियंता अनिल कुमार और जेई प्रमोद पांडे को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।
जिस बिल्डिंग में आग लगी, उसका आवंटन 1980 में विजय कुमार को हुआ था। 2013 में यह वीरेंद्र व सुरेंद्र शुक्ला के नाम हुई। 2016 में एलडीए ने अनधिकृत निर्माण पर ध्वस्तीकरण का आदेश दिया, लेकिन 10 मई 2016 के आदेश को 5 जुलाई 2016 को ही निरस्त कर दिया गया। 1992 वर्गफीट की इस बिल्डिंग का नक्शा 2014 में आवासीय उपयोग के लिए पास हुआ था।विशेष जांच दल अब बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण आदेश निरस्त होने, फायर एनओसी , एलडीए और बिजली विभाग की भूमिका समेत कई बिंदुओं पर जांच करेगा। माना जा रहा है कि जांच के दायरे में कई बड़े अफसर भी आ सकते हैं।
गौरतलब है कि सोमवार को अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 लोगों की मौत हुई थी और 9 घायल हुए थे। मामले में थाना अलीगंज में 6 नामजद समेत अन्य के खिलाफ धारा 110 बीएनएस , 105 बीएनएस , 125 बीएनएस और अग्नि शमन सेवा अधिनियम के तहत केस दर्ज है।