
लखनऊ, 6 अगस्त। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में हो रही भारी बारिश, अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से जनहानि, पशुहानि तथा आर्थिक नुकसान का संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता बरतने के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी वरिष्ठ अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर स्थिति का जायजा लें और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि आकाशीय बिजली, अतिवृष्टि अथवा अन्य वर्षाजनित घटनाओं से हुई जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का तत्काल आकलन कर प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर अनुमन्य राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित परिवारों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें तथा सुरक्षित स्थानों पर रहें। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के समय नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों में स्नान अथवा प्रवेश करते समय विशेष सावधानी बरती जाए। इस बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
जिन जिलों के लिए यह चेतावनी जारी की गई है उनमें आगरा, अलीगढ़, अमेठी, औरैया, अयोध्या, बागपत, बांदा, बाराबंकी, भदोही, बुलंदशहर, चित्रकूट, इटावा, फतेहपुर, फिरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, हमीरपुर और हापुड़ सहित अन्य जिले शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौसम विभाग की चेतावनियों के अनुरूप सतर्कता बरतने, जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी करने तथा राहत एवं बचाव दलों को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए हैं।