
लखनऊ, 24 जून। पूर्वी उत्तर प्रदेश में उष्ण लहर (लू) का असर लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मौसमी गतिविधियां अभी छिटपुट वर्षा तक सीमित हैं, जिसके कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बुधवार को बांदा देश का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि बांदा, फतेहपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, सुल्तानपुर, लखीमपुर खीरी और बहराइच सहित कई जिले लू की चपेट में रहे।मौसम केंद्र लखनऊ द्वारा बुधवार को जारी दैनिक मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 जून तक कुछ स्थानों पर उष्ण लहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है। 24 से 28 जून के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कहीं-कहीं अथवा कुछ स्थानों पर लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।
बुलेटिन के अनुसार 24 और 25 जून को प्रदेश के दोनों उपभागों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा अथवा बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि 26 और 27 जून को अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 28 जून से पूर्वी उत्तर प्रदेश में पुनः वर्षा गतिविधियों के शुरू होने के संकेत हैं। 29 और 30 जून को वर्षा की गतिविधियों में और वृद्धि होने की संभावना जताई गई है तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 28 जून से प्रदेश में वर्षा का नया दौर शुरू होने और उसके बाद गतिविधियों में क्रमिक वृद्धि के मद्देनजर दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर प्रदेश में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती दिखाई दे रही हैं। यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहीं तो जून के अंतिम चरण में मानसून प्रदेश के शेष हिस्सों में भी सक्रिय हो सकता है।
इस बीच मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने तथा लू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।