बेंगलुरु में योगी-गूगल ग्रोथ डायलॉग: एआई और क्लाउड टेक्नोलॉजी से यूपी के विकास को नई दिशा

बेंगलुरु में योगी-गूगल ग्रोथ डायलॉग: एआई और क्लाउड टेक्नोलॉजी से यूपी के विकास को नई दिशा

बेंगलुरु/लखनऊ, 24 जून । उत्तर प्रदेश को तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था और डिजिटल गवर्नेंस के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बेंगलुरु में वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों और निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण बैठकों का दौर जारी रखा। इसी क्रम में उन्होंने गूगल क्लाउड के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) तरुण पंत और उनकी टीम के साथ विस्तृत चर्चा की।बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल गवर्नेंस, कृषि नवाचार, स्टार्टअप इकोसिस्टम और युवाओं के लिए तकनीक आधारित रोजगार अवसरों को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को वैश्विक तकनीकी क्षमताओं से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग आम नागरिकों के जीवन को सरल बनाने और निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए किया जाएगा।

बैठक के दौरान किसानों, युवाओं, स्टार्टअप उद्यमियों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को एआई और क्लाउड आधारित समाधानों से जोड़ने के लिए एक संभावित रोडमैप पर चर्चा हुई। राज्य में डिजिटल सेवाओं के विस्तार, सरकारी प्रक्रियाओं के सरलीकरण और नवाचार आधारित आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी।गूगल इंडिया की टीम ने मुख्यमंत्री के साथ हुई चर्चा को अत्यंत सार्थक बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के लिए एक स्पष्ट और दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। कंपनी ने भारत और उत्तर प्रदेश में डिजिटल परिवर्तन की प्रक्रिया को गति देने के लिए सरकार के साथ सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर निवेश और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के कई प्रमुख उद्योगपतियों एवं निवेशकों से भी मुलाकात की। इनमें वेस्टब्रिज कैपिटल के संदीप सिंघल, एक्सेल पार्टनर्स के प्रशांत प्रकाश, इनमोबी के पीयूष शाह, एनवीडिया दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक विशाल धूपर, ब्लैकस्टोन के वरिष्ठ अधिकारी तथा यूलू और सर्वानएआई के प्रतिनिधि शामिल रहे।बैठकों में निवेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप इकोसिस्टम, तकनीकी नवाचार और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत आधारभूत संरचना और निवेशक-अनुकूल नीतियों की सराहना करते हुए राज्य को भविष्य के विकास और तकनीकी निवेश का प्रमुख केंद्र बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज एक्सप्रेसवे नेटवर्क, आधुनिक एयरपोर्ट, औद्योगिक कॉरिडोर और 25 से अधिक सेक्टोरल नीतियों के बल पर निवेश और तकनीक आधारित विकास का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के दौरान प्रदेश को लगभग 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिन पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए तकनीक, नवाचार और निवेश को विकास के प्रमुख आधार के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम तकनीक के माध्यम से ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ दोनों को मजबूत करना चाहते हैं। डिजिटल नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्लाउड टेक्नोलॉजी के माध्यम से किसानों, युवाओं और उद्यमियों को नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उत्तर प्रदेश देश की विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभा सके।”

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