
नयी दिल्ली, 24 जून। वित्तीय समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत बिजनेस कॉरेस्पॉडेन्ट्स की ओर से संचालित एटीएम अब देश के अंतिम छोर तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के माध्यम बन गये हैं।कंपनी ने देश भर में 10 हजार से अधिक माइक्रो एटीएम लगाये हैं। इससे दूर-दराज के गांवों और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में लोगों को बैंकिंग सेवाएं आसानी से मिल रही हैं। इनके जरिए लोग नकद निकासी, नकद जमा, बैलेंस जांच, मिनी स्टेटमेंट, धन हस्तांतरण और ग्रीनपिन जनरेशन जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां बैंकिंग सुविधाएं सीमित हैं।
कंपनी की विज्ञप्ति के अनुसार माइक्रो एटीएम के माध्यम से 69.75 लाख से अधिक लेन-देन किये गये हैं, जबकि कुल लेन-देन मूल्य 5,217 करोड़ रुपये से अधिक रहा है। इस उपलब्धि पर बीएलएस ई-सर्विसेज के सीओओ लोकनाथ पांडा ने कहा, ” माइक्रो एटीएम उन क्षेत्रों में नागरिकों और बैंकिंग प्रणाली के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बन गये हैं, जहां बैंक शाखाएं या एटीएम जैसी सुविधाएं कम हैं। इनका व्यापक उपयोग दिखाता है कि सुरक्षित, कम लागत वाली और तकनीक आधारित सेवाएं लोगों तक बैंकिंग पहुंच बढ़ाने और भारत के वित्तीय समावेशन के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। “डिजिटल और सहायक डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ, माइक्रो एटीएम भारत की भुगतान और बैंकिंग व्यवस्था को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, खासकर उन समुदायों के लिए जो अभी भी औपचारिक अर्थव्यवस्था से पूरी तरह नहीं जुड़े हैं। बीएलएस ई-सर्विसेज लिमिटेड, बीएलएस इंटरनेशनल की सहायक कंपनी है और देश में तकनीक आधारित डिजिटल सेवाएं प्रदान करने वाली प्रमुख कंपनी है। यह बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट, असिस्टेड ई-सर्विसेज और ई-गवर्नेंस सेवाएं उपलब्ध कराती है। फिजिटल (फिजिकल प्लस डिजिटल) मॉडल के माध्यम से कंपनी बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और सार्वजनिक उपयोगिता सेवाएं देश के शहरी, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाती है।