अमेरिका-ईरान समझौता अमेरिका की हार की घोषणा : गालिबाफ

अमेरिका-ईरान समझौता अमेरिका की हार की घोषणा : गालिबाफ

तेहरान, 24 जून । ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को “अमेरिका की हार की घोषणा” करार देते हुए कहा है कि यह समझौता अमेरिकी दबाव का नहीं, बल्कि ईरानी जनता के प्रतिरोध और दृढ़ता का परिणाम है।

श्री गालिबाफ ने बुधवार को अजरबैजान में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “इस्लामाबाद समझौता दबाव और जबरदस्ती का परिणाम नहीं था, बल्कि बहादुर ईरानी राष्ट्र के प्रतिरोध और शक्ति का नतीजा था। यही कारण है कि यह समझौता अमेरिका की हार की घोषणा बन गया।”पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए इस समझौते के तहत अमेरिका और ईरान के बीच शत्रुता समाप्त करने तथा परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित लंबित मुद्दों पर व्यापक समाधान के लिए 60 दिनों की वार्ता प्रक्रिया शुरू की गयी है।श्री गालिबाफ ने क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था को बाहरी सैन्य हस्तक्षेप से मुक्त रखने की वकालत करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया के देशों को अपनी राजनीतिक और सुरक्षा व्यवस्थाएं स्वयं तय करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हम क्षेत्र से विदेशी सैन्य बलों की वापसी को रणनीतिक लक्ष्य मानते हैं। बाहरी शक्तियां स्थायी सुरक्षा नहीं देतीं, बल्कि अस्थिरता बढ़ाती हैं।”इस बीच क्षेत्र में कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो खाड़ी देशों के दौरे पर हैं, जबकि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हमास के एक वरिष्ठ नेता के साथ वार्ता की है। परमाणु प्रतिष्ठानों के अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण का मुद्दा अभी भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद का प्रमुख विषय बना हुआ है। आईएईए निरीक्षकों की ईरान के परमाणु स्थलों पर वापसी को अंतरिम समझौते के महत्वपूर्ण बिंदुओं में माना जा रहा है।उधर पाकिस्तान ने पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता अगले सप्ताह फिर शुरू होने की संभावना है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि बातचीत मंगलवार को शुरू हो सकती है, हालांकि सोमवार या बुधवार की संभावना भी बनी हुई है। उन्होंने अगले दौर की वार्ता के स्थान का खुलासा नहीं किया।

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