
तेहरान, 09 अगस्त । ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अमेरिका के समक्ष कई शर्तें रखी हैं। इससे रणनीतिक जलमार्ग को लेकर जारी बातचीत में तनाव बढ़ गया है और दोनों देशों के बीच गहरे अविश्वास का संकेत मिला है।ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहम्मद बाकर जुलघद्र ने कहा कि जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से पहले अमेरिका को अपने उस आचरण में बदलाव करना होगा, जिसे ईरान शत्रुतापूर्ण मानता है।
ईरानी सरकारी मीडिया में शनिवार को प्रसारित एक बयान में श्री जुलघद्र ने कहा, “जब तक अमेरिका अपने व्यवहार में सुधार नहीं करता, होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से नहीं खोला जाएगा।”
ईरान की प्रमुख मांगों में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करना, अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी, ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकना तथा प्रतिबंध हटाना शामिल है। ईरान ने संघर्ष के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजे और विदेशों में जमा ईरानी संपत्तियों को बिना किसी शर्त के जारी करने की भी मांग की है।श्री जुलघद्र ने कहा कि अमेरिका को ईरान को धमकी देना और देश के धार्मिक स्थलों के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां करना भी बंद करना होगा। उन्होंने कहा कि ये मांगें महीनों तक चले युद्ध के बाद ईरानी जनता की स्थिति को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा, “ये ईरानी जनता की मांगें हैं, जिन्हें उसने 160 दिनों तक मैदान और सड़कों पर डटे रहकर जोरदार तरीके से जाहिर किया है।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और ओमान के अधिकारी होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए व्यवस्था तय करने के उद्देश्य से बातचीत कर रहे हैं। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारों में से एक है।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को कहा कि तेहरान ओमान के साथ जलडमरूमध्य के संचालन को लेकर समझौते के काफी करीब पहुंच गया है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि जलडमरूमध्य को फिर से खोलना कुछ अतिरिक्त शर्तों पर निर्भर करेगा। इनमें जून में हुए समझौता ज्ञापन का उल्लंघन करने के लिए अमेरिका द्वारा कथित रूप से सुधारात्मक कदम उठाना भी शामिल है।
ओमान के विदेश मंत्रालय ने बातचीत को “सकारात्मक और रचनात्मक” बताया है। इस बीच, अमेरिका और ईरान की ओर से बातचीत को लेकर अलग-अलग संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शनिवार को कहा कि ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका को बताया है कि उनकी जलडमरूमध्य को बंद करने की कोई योजना नहीं है।ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने शुक्रवार को बताया कि सांसदों ने ओमान के साथ प्रस्तावित ढांचे पर बड़े पैमाने पर सहमति जतायी है, लेकिन अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
होर्मुज जलडमरूमध्य इस पूरे घटनाक्रम में ईरान के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक दबाव के साधन के रूप में उभरा है। दुनिया की तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इस जलमार्ग से होकर गुजरता है। इसके लंबे समय तक बाधित रहने से क्षेत्र के बाहर भी व्यापक असर पड़ सकता है और विशेष रूप से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकते हैं। श्री जुलघद्र ने कहा कि ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सैन्य और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर अपनी स्थिति कायम रखेगी।