
बीजिंग, 21 सितंबर। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सप्ताह अमेरिका की राजकीय यात्रा पर जाएंगे।चीन ने सोमवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों देशों के नेता ईरान युद्ध के बीच विश्व शांति समेत कई मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप के निमंत्रण पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की राजकीय यात्रा करेंगे। ”यह सितंबर 2015 के बाद शी की अमेरिका की पहली राजकीय यात्रा होगी। उस समय उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के निमंत्रण पर अमेरिका का दौरा किया था।
इसके बाद श्री शी ने 2017 में श्री ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने 2023 में भी अमेरिका का दौरा किया था और एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग नेताओं के शिखर सम्मेलन से इतर तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की थी। वह हालांकि राजकीय यात्रा नहीं थी।बुधवार से शुक्रवार तक होने वाली आगामी यात्रा ट्रंप की मई में चीन की राजकीय यात्रा के बाद हो रही है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने सोमवार को बीजिंग में संवाददाताओं से कहा कि छह महीने के भीतर दोनों राष्ट्रपतियों की एक-दूसरे के देशों की यात्रा ऐतिहासिक महत्व का महत्वपूर्ण पड़ाव” होगी।उन्होंने कहा कि श्री ट्रंप के साथ श्री शी “द्विपक्षीय संबंधों तथा विश्व शांति और विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श” करेंगे।
साल 2013 में राष्ट्रपति बनने के बाद से श्री शी अब तक पांच बार अमेरिका की यात्रा कर चुके हैं।श्री गुओ ने कहा, “राष्ट्राध्यक्षों के स्तर की कूटनीति चीन-अमेरिका संबंधों को रणनीतिक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चीन अमेरिका के साथ मिलकर चीन-अमेरिका रचनात्मक और रणनीतिक स्थिरता वाले संबंधों के आयामों को मजबूत करेगा, संवाद और सहयोग बढ़ाएगा, मतभेदों का उचित प्रबंधन करेगा तथा विश्व शांति, स्थिरता और समृद्धि में आगे योगदान देगा।”
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, श्री शी का स्वागत वाशिंगटन के पास मैरीलैंड स्थित ज्वाइंट बेस एंड्रयूज के हवाई अड्डे पर श्री ट्रंप द्वारा किए जाने की संभावना है। चीनी राष्ट्रपति के साथ इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी बीवाईडी और स्मार्ट विनिर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी शाओमी समेत कई कंपनियों के शीर्ष अधिकारी भी आ सकते हैं।इस बीच, अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका और चीन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी ऐसी घटनाओं के लिए एक नयी नोटिफ़िकेशन व्यवस्था बनाने पर चर्चा की है, जिनसे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। श्री बेसेंट ने न्यूयॉर्क में चीन के उप-प्रधानमंत्री हे लीफेंग के साथ हुई बातचीत को ‘सफल’ बताने के बाद ये टिप्पणियां कीं।
मई में बीजिंग में जब श्री ट्रंप और श्री शी की मुलाकात हुई, तो एआई में सहयोग के मुद्दे पर भी चर्चा हुई थी, हालांकि एआई के विकास पर बातचीत के लिए प्रस्तावित फोरम को कभी औपचारिक रूप नहीं दिया गया।हाल के दिनों में एआई से पैदा होने वाले खतरे चर्चा का केंद्र रहे हैं। शोधकर्ता इस तकनीक से जुड़े संभावित खतरों के बारे में चेतावनी दे रहे हैं और उद्योग के कुछ जाने-माने लोग इसके विकास में ज़्यादा सावधानी बरतने की सलाह रहे हैं।