
वाशिंगटन, 03 नवंबर। अमेरिका में मंगलवार को होने वाले मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को सीनेट में फिर से बहुमत हासिल करने की उम्मीद है। कई राज्यों में कड़े मुकाबले के बीच चुनाव के नतीजे अमेरिकी कांग्रेस का समीकरण बदल सकते हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के अंतिम दो वर्षों के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती पेश कर सकते हैं।
प्रतिनिधि सभा की सभी 435 और सीनेट की 100 में से 33 सीटों पर चुनाव हो रहा है। रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस के दोनों सदनों में अपने मामूली बहुमत को बरकरार रखने की कोशिश में है, जबकि डेमोक्रेट एक या दोनों सदनों में नियंत्रण हासिल करना चाहते हैं।
चुनाव पूर्व जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक, डेमोक्रेट कई रिपब्लिकन सांसदों की सीटें जीत सकते हैं और सीनेट की आठ तक सीटों पर उलटफेर की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के पास चुनाव प्रचार के लिए वित्तीय संसाधनों की बढ़त है और उसे परंपरागत रूप से अपने पक्ष में रहने वाले परंपरागत राज्यों में समर्थन बरकरार रहने की उम्मीद है।
श्री ट्रंप की गिरती लोकप्रियता, महंगाई और जीवनयापन की बढ़ती लागत को लेकर मतदाताओं की चिंता तथा ईरान के साथ युद्ध सहित प्रशासन की नीतियों के प्रति असंतोष ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के सामने चुनौतियां खड़ी की हैं।
उत्तरी कैरोलिना, ओहायो, अलास्का, मेन और टेक्सास सीनेट चुनाव के सबसे चर्चित मुकाबलों में शामिल हैं। इन राज्यों में डेमोक्रेट को सीटें हासिल करने के अवसर दिखाई दे रहे हैं।
उत्तरी कैरोलिना में डेमोक्रेटिक पार्टी के पूर्व गवर्नर रॉय कूपर का मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार माइकल व्हाटली से है। श्री व्हाटली को राज्यव्यापी पहचान के मामले में अपने प्रतिद्वंद्वी से पीछे माना जा रहा है। रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस के सेवानिवृत्त होने से भी पार्टी की मुश्किलें बढ़ी हैं। श्री टिलिस ने मेडिकेड में कटौती के मुद्दे पर श्री ट्रंप से मतभेद के बाद चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था।
ओहायो में डेमोक्रेटिक पार्टी के पूर्व सीनेटर शेरॉड ब्राउन रिपब्लिकन उम्मीदवार एवं मौजूदा सीनेटर जॉन हस्टेड के खिलाफ फिर से सीनेट में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। ब्राउन 2024 का चुनाव मामूली अंतर से हार गए थे। इस बार उन्होंने अपने प्रचार अभियान में डेटा सेंटरों के निर्माण के लिए हस्टेड के पूर्व समर्थन और उससे बिजली की कीमतों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को प्रमुख मुद्दा बनाया है।
अलास्का में पूर्व सांसद मैरी पेल्टोला रिपब्लिकन सीनेटर डैन सुलिवन को चुनौती दे रही हैं। यहां ईंधन की बढ़ती कीमतें और स्वास्थ्य सेवाओं की लागत चुनाव प्रचार के प्रमुख मुद्दे बनकर उभरे हैं।
टेक्सास में भी बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। यहां डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स तालारिको का मुकाबला रिपब्लिकन राज्य अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन से है। टेक्सास में डेमोक्रेटिक पार्टी ने आखिरी बार 1988 में सीनेट चुनाव जीता था।
रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने इस मुकाबले को बेहद करीबी बताते हुए कहा, “टेक्सास में मुकाबला बेहद कांटे का है। यह समझना जरूरी है कि हम टेक्सास हार भी सकते हैं।”
मिशिगन में भी सीनेट की एक महत्वपूर्ण सीट पर मुकाबला है। यहां डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद का सामना रिपब्लिकन माइक रोजर्स से है। यह सीट सेवानिवृत्त हो रहे सीनेटर गैरी पीटर्स के स्थान पर खाली हुई है। अल-सईद अमेरिकी सीनेट के लिए निर्वाचित होने वाले पहले मुस्लिम सांसद बनने की कोशिश कर रहे हैं।
इस बीच, न्यूयॉर्क के वेस्टचेस्टर काउंटी के कुछ हिस्सों में तकनीकी खराबी के कारण मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई। कई मतदान केंद्रों पर मतपत्रों की स्कैनिंग करने वाली मशीनें काम नहीं कर सकीं।
मंगलवार को होने वाले चुनाव के नतीजे अमेरिकी कांग्रेस में सत्ता का संतुलन तय करेंगे और राष्ट्रपति ट्रंप के विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की क्षमता पर महत्वपूर्ण असर डाल सकते हैं।