
इटावा, 25 जून । समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नई प्रदेश कार्यकारिणी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने संगठन में समाजवादी पार्टी छोड़कर गए नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं।अपने विधानसभा क्षेत्र जसवंतनगर में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री यादव ने कहा कि भाजपा की ओर से जारी नई संगठनात्मक सूची में ऐसे नेताओं को स्थान दिया गया है, जो समाजवादी पार्टी छोड़कर गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता को दूसरे दल में जाने से पहले अपने पदों से विधिवत इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा अन्य दलों के नेताओं को अपने साथ जोड़ने की नीति पर काम कर रही है। यह राजनीतिक दृष्टि से उचित परंपरा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार दूसरे दलों के नेताओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रही है।भाजपा संगठन में नई नियुक्तियों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री यादव ने कहा कि जिन नेताओं को पद दिए गए हैं, उनमें कई ऐसे लोग शामिल हैं जो पार्टी छोड़कर चले गए। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को पहले अपने पूर्व दल से औपचारिक रूप से अलग होना चाहिए था।
भाजपा कार्यकारिणी में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नेताओं को अपेक्षाकृत अधिक प्रतिनिधित्व दिए जाने संबंधी प्रश्न पर उन्होंने कहा कि भाजपा समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फार्मूले से चिंतित है और उसी के प्रभाव में सामाजिक समीकरण साधने का प्रयास कर रही है।नई कार्यकारिणी में राजनीतिक परिवारों से जुड़े नेताओं को शामिल किए जाने के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर श्री यादव ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का समर्थन सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की वास्तविक ताकत जनता से मिलती है, न कि केवल संगठनात्मक पदों से।
राम मंदिर चंदा अनियमितता से जुड़े आरोपों के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या चोरी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक या सार्वजनिक संस्थान से जुड़े मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।