
वाराणसी, 25 जून। विमान ईंधन के दाम यदि लंबे समय तक कम बने रहते हैं तो सरकार विमान सेवा कंपनियों से पश्चिम एशिया संकट के दौरान बढ़ाये गये सरचार्ज कम करने के लिए बात करेगी।नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने गुरुवार को यहां एक कार्यक्रम के बाद मीडिया के प्रश्न के उत्तर में कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में विमान ईंधन के दाम में अभी कमी जरूर आयी है लेकिन यह देखना होगा कि यह गिरावट लंबे समय के लिए है या बस कुछ दिनों के लिए।
उन्होंने कहा, “हमें कुछ समय के लिए इस पर नजर बनाये रखनी होगी। देखना होगा कि कीमतें लंबे समय तक कम बनी रहती हैं या यह क्षणिक है।”उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद मार्च और अप्रैल में विमान ईंधन के दाम तेजी से बढ़े थे। इसे देखते हुए भारतीय विमान सेवा कंपनियों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराये में ईंधन सरचार्ज बढ़ाये थे।
श्री नायडू ने कहा कि सरकार विमान सेवा कंपनियों के साथ लगातार बात कर रही है। कीमतों में अस्थिरता के कारण परिचालन के लिहाज से पिछले चार महीने उनके लिए काफी दबाव वाले रहे हैं। इसलिए, मंत्रालय कुछ समय के लिए और यह देखना चाहेगा कि विमान ईंधन के दाम मौजूदा स्तर पर स्थिर रहते हैं या नहीं।उन्होंने कहा, “एक बार हम आश्वस्त हो जायें कि यह लंबे समय के लिए स्थिर रहेगा, तो निश्चित रूप से हम उनसे (विमान सेवा कंपनियों से) बात करेंगे। पिछले चार महीन में जो भी ईंधन शुल्क या अतिरिक्त शुल्क लगाये गये हैं हम उन्हें कम करने का भी प्रयास करेंगे।”
उन्होंने कहा कि सरकार ने विमान सेवा कंपनियों को विमान ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की मूल्य स्थिरीकरण योजना भी शुरू की थी जिससे उन्हें राहत मिली है।