यूपी कांग्रेस में बड़ा बदलाव, अविनाश पांडे की जगह राजेंद्र पाल गौतम बने नए प्रभारी

यूपी कांग्रेस में बड़ा बदलाव, अविनाश पांडे की जगह राजेंद्र पाल गौतम बने नए प्रभारी

लखनऊ, 26 जून। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए अविनाश पांडे की जगह दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया है। इस बदलाव को आगामी चुनावों के मद्देनजर संगठन को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।राजेंद्र पाल गौतम दिल्ली की सीमापुरी विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। वह अरविंद केजरीवाल सरकार में समाज कल्याण मंत्री भी रहे। वर्ष 2022 में एक विवाद के बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था और बाद में आम आदमी पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। पेशे से अधिवक्ता गौतम लंबे समय से दलित अधिकारों और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में संगठन को अधिक मजबूत बनाने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है। माना जा रहा है कि कांग्रेस राज्य में अपने जनाधार को मजबूत करने के लिए नए सिरे से संगठनात्मक ढांचे पर काम करेगी।राजेंद्र पाल गौतम की नियुक्ति को कांग्रेस की सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी दलित समुदाय के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है, जहां लंबे समय तक बहुजन समाज पार्टी का प्रभाव रहा है।

नई जिम्मेदारी मिलने के बाद राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा और संविधान तथा सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर पार्टी का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने भाजपा पर दलित हितों की उपेक्षा करने का आरोप भी लगाया।सूत्रों का कहना है कि आने वाले समय में प्रदेश संगठन में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। जिलों में संगठनात्मक पुनर्गठन, कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियां देने और चुनावी अभियान की रूपरेखा तैयार करने पर पार्टी नेतृत्व विचार कर रहा है।

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पिछले दो विधानसभा चुनावों में कमजोर प्रदर्शन के बाद अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने की चुनौती का सामना कर रही है। ऐसे में राजेंद्र पाल गौतम की नियुक्ति को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में नई ऊर्जा भरने की कोशिश माना जा रहा है।

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