
कानपुर, 26 जून । कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-1 (आईआईटी से नौबस्ता) के शेष सेक्शन पर यात्री सेवाएं शुरू होने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) नीलाभ्र सेनगुप्ता 27 से 29 जून तक कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता सेक्शन का विस्तृत निरीक्षण करेंगे। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) के अनुसार सीएमआरएस अपनी पांच सदस्यीय टीम के साथ तीन दिवसीय निरीक्षण के दौरान सिग्नलिंग, ट्रैक, विद्युत एवं सिविल कार्यों सहित विभिन्न तकनीकी मानकों का परीक्षण करेंगे। यात्री सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह निरीक्षण नए सेक्शन पर यात्री सेवाएं शुरू करने से पहले की अनिवार्य प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे पहले 10 से 14 जून के बीच सीएमआरएस की चार सदस्यीय टीम इस सेक्शन का प्रारंभिक निरीक्षण कर चुकी है।करीब 23.50 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-1 पर वर्तमान में कानपुर मेट्रो की सेवाएं आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक लगभग 15 किलोमीटर लंबे मार्ग पर संचालित हैं। इस सेक्शन में नौ एलिवेटेड और पांच भूमिगत सहित कुल 14 स्टेशन हैं। कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक सेवाओं के विस्तार के बाद झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता सहित सात नए स्टेशन नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। इसके साथ ही कॉरिडोर-1 पर स्टेशनों की कुल संख्या बढ़कर 21 हो जाएगी।
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि कानपुर मेट्रो ने निर्माण के दौरान अनेक तकनीकी एवं भौगोलिक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है। उन्होंने कहा कि मेट्रो नेटवर्क शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, व्यावसायिक केंद्रों, परिवहन केंद्रों और पर्यटन स्थलों को जोड़ रहा है, जिससे नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और निर्बाध सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा।उन्होंने बताया कि कॉरिडोर-1 के अलावा लगभग 8.60 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) का सिविल निर्माण कार्य भी तेजी से प्रगति पर है। दक्षिणी क्षेत्र तक मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से शहर की यातायात व्यवस्था को और अधिक गति मिलेगी तथा यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।