
नयी दिल्ली, 30 जून। ‘इन्शुरन्स फॉर आल’ (बीमा सुरक्षा सबके लिए) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडाई) के अध्यक्ष अजय सेठ ने मंगलवार को उपभोक्ता जागरूकता कॉमिक बुक श्रृंखला का अनावरण किया।इस श्रृंखला का उद्देश्य जीवन बीमा से जुड़ी अवधारणाओं को सरल बनाना और उपभोक्ताओं के बीच जागरूकता बढ़ाना है। इस पहल ने जीवन बीमा क्षेत्र के नेताओं को एक साथ लाकर भारत भर में व्यक्तियों और परिवारों के लिए जीवन बीमा को अधिक सुलभ, समझने योग्य और प्रासंगिक बनाने पर ध्यान केंद्रित किया।
बीमा पर केंद्रित इस कॉमिक बुक श्रृंखला में जीवन बीमा को जटिल मानकर दूर बैठे लोगों के मन की भ्रांतियों को दूर करना, विवाहित महिलाओं की संपत्ति अधिनियम, प्रीमियम माफी, और गंभीर बीमारी से जुड़े राइडर्स जैसी प्रमुख अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाना है। इन विशिष्ट अवधारणाओं को तकनीकी व्याख्या के बजाय आसानी से जुड़ाव स्थापित करने वाली कहानियों के माध्यम से समझाया गया है। युवा जीवन बीमा सलाहकार सुप्रिया की यात्रा पर केंद्रित यह श्रृंखला वास्तविक जीवन की परिस्थितियों को ‘कहानी के रूप में यादगार अनुभवों’ में बदलती है, जिससे लोगों को यह समझने में मदद मिलती है कि पहले लिये गये निर्णय भविष्य में वित्तीय सुरक्षा को कैसे आकार दे सकते हैं। यह प्रयास ‘इन्शुरन्स फॉर आल’ के व्यापक लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह संवाद को केवल उत्पाद जागरूकता से आगे बढ़ाकर सूचित समझ की ओर ले जाता है।कॉमिक बुक श्रृंखला अनावरण के अवसर पर आईएसी-लाइफ के अध्यक्ष कमलेश राव ने कहा, “ ‘इन्शुरन्स फॉर आल’ का दृष्टिकोण एक परिवर्तनकारी यात्रा का प्रतिनिधित्व करता है, ऐसी यात्रा, जो केवल बीमा की पहुंच बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक भारतीय परिवार की वित्तीय योजना के अभिन्न हिस्से के रूप में सुरक्षा को स्थापित करने पर केंद्रित है। जीवन बीमा इस यात्रा को सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि यह वित्तीय आत्मविश्वास प्रदान करता है, आकांक्षाओं को सहारा देता है और सुरक्षित परिवारों की नींव को मजबूत करता है।”
उन्होंने कहा कि पूरे पारिस्थितकी तंत्र में में सामूहिक प्रयासों के माध्यम से, आईएसी-लाइफ भारत की वित्तीय रूप से अधिक सुदृढ़ भविष्य की यात्रा को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल के महासचिव आदित्य गुप्ता ने कहा, “ जीवन बीमा एक वादा है, जो व्यक्तियों और परिवारों को जीवन की अनिश्चितताओं के लिए तैयार रहने में मदद करता है और उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपनी आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने का सहारा देता है। उपभोक्ता जागरूकता के लिए यह कॉमिक बुक श्रृंखला कहानी सुना कर लोगों को जोड़ने और उन्हें जीवन बीमा के महत्व को बेहतर ढंग से समझाने की दिशा में एक नवाचारी कदम है। ”
उन्होंने कहा कि लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल, इरडाई और उद्योग जगत के नेताओं के साथ, उपभोक्ता जागरूकता को मजबूत करने और लोगों की व्यक्तिगत वित्तीय योजना जीवन बीमा को अवश्य रखने के प्रति अधिक मजबूत विश्वास निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कार्यक्रम में ‘भारत में जीवन बीमा को प्राथमिकता क्यों दी जाये?’ विषय पर एक परिचर्चा भी आयोजित की गयी। इस चर्चा में श्री राव के अलावा, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रबंध निदेशक दोराईस्वामी, पीएनबी मेटलाइफ के प्रबंध निदेशक एवं मुख्यकार्यकारी समीर बंसल और इंडिया फर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी रुशभ गांधी शामिल थे।