ब्रिटेन ने रक्षा क्षेत्र में बड़े विस्तार की घोषणा की, 2029 तक सैन्य खर्च बढ़ाकर किया 80 अरब पाउंड

ब्रिटेन ने रक्षा क्षेत्र में बड़े विस्तार की घोषणा की, 2029 तक सैन्य खर्च बढ़ाकर किया 80 अरब पाउंड

लंदन, 30 जून । ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने मंगलवार को एक व्यापक रक्षा निवेश योजना की घोषणा की, जिसके तहत 2029 तक वार्षिक सैन्य खर्च को बढ़ाकर लगभग 80 अरब पाउंड (करीब 10,018.4 अरब रुपये) कर दिया जायेगा।मेडनहेड में एक रक्षा विनिर्माण संयंत्र में बोलते हुए श्री स्टारमर ने इसे बढ़ते वैश्विक तनाव, यूक्रेन में रूस के युद्ध और तेजी से विकसित हो रही सैन्य तकनीक से चिह्नित “अधिक खतरनाक और अस्थिर दुनिया” के लिए एक आवश्यक कदम बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन रक्षा खर्च में 15 अरब पाउंड (करीब 1,878 अरब 45 करोड़ रुपये) की अतिरिक्त बढ़ोतरी करेगा, जिससे अगले चार वर्षों में कुल रक्षा खर्च लगभग 300 अरब पाउंड (लगभग 37,569 अरब रुपये) हो जायेगा।

श्री स्टारमर ने कहा, “जब दुनिया हथियार इकट्ठा कर रही है और आक्रामकता बढ़ रही है, तो युद्ध से बचने का सबसे अच्छा तरीका उसकी तैयारी करना है। रक्षा का सबसे अच्छा तरीका प्रतिरोध है यानी ऐसी ताकत रखना, जो आपके विरोधियों को कोई भी कदम उठाने से पहले दोबारा सोचने पर मजबूर कर दे।”प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिटेन अपने रक्षा खर्च को वर्ष 2024 के जीडीपी के 2.3 प्रतिशत से बढ़ाकर वर्ष 2029 तक 2.7 फीसदी कर देगा। यह कदम देश को अगली संसद के कार्यकाल में जीडीपी के तीन फीसदी के लक्ष्य तक पहुंचने के रास्ते पर ले जायेगा। इसके साथ ही, राष्ट्रीय सुरक्षा के व्यापक खर्च को भी नाटो के तय लक्ष्यों के अनुरूप बढ़ाया जायेगा।

श्री स्टारमर ने कहा कि यह निवेश मुख्य रूप से सैन्य तैयारियों को फिर से मजबूत करने, गोला-बारूद के स्टॉक को भरने और यूक्रेन के युद्धक्षेत्र से सीखी गयी उन्नत तकनीकों के माध्यम से ब्रिटेन के सशस्त्र बलों के कायाकल्प पर केंद्रित होगा। उन्होंने कहा, “हम ड्रोन और स्वायत्त हथियारों में पांच अरब पाउंड (626.15 अरब रुपये) से अधिक का निवेश कर इसका समर्थन कर रहे हैं, जो इस तकनीक में ब्रिटेन का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है।”उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत, ब्रिटेन एआई-सक्षम सैन्य क्षमताओं की एक नयी पीढ़ी विकसित करेगा। इसमें युद्धपोतों के साथ काम करने वाले स्वायत्त नौसैनिक जहाज, सेना के लिए उन्नत ड्रोन सिस्टम और बिना पायलट वाले विंगमैन के साथ काम करने वाले अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान शामिल होंगे। सरकार लंबी दूरी की मिसाइलों, बख्तरबंद वाहनों, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और विशेष बलों की क्षमताओं में भी निवेश करेगी, जबकि एआई से जुड़े खतरों के खिलाफ सुरक्षा मजबूत करने के लिए 11.5 करोड़ पाउंड (करीब 14.40 अरब रुपये) आवंटित किये जायेंगे।

श्री स्टारमर ने ब्रिटेन के परमाणु प्रतिरोध पर खर्च बढ़ाकर 64 अरब पाउंड (लगभग 8,014.72 अरब रुपये) करने की घोषणा की। इसमें नयी पनडुब्बियों के लिए फंडिंग, एक संप्रभु परमाणु हथियार कार्यक्रम और 12 एफ-35ए लड़ाकू विमानों की खरीद शामिल है।प्रधानमंत्री ने इटली और जापान के साथ मिलकर छठी पीढ़ी के ‘टेम्पेस्ट’ लड़ाकू विमान विकसित करने के लिए ‘ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम’ (जीसीएपी) में 8.6 अरब पाउंड (1,076.97 अरब रुपये) के निवेश की भी पुष्टि की। उन्होंने कहा, “यह छठी पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमानों को विकसित करने के बारे में है, जो आने वाले दशकों तक हमारे आसमान को सुरक्षित रखेंगे और एक संप्रभु ब्रिटिश विमान उद्योग की नींव को फिर से मजबूत करेंगे।”

इस कार्यक्रम के आर्थिक लाभों पर श्री स्टारमर ने कहा कि इस योजना से लगभग 60,000 रोजगार पैदा होंगे और इसमें ब्रिटिश रक्षा निर्माताओं को विदेशी अनुबंध हासिल करने में मदद करने के लिए एक नयी 50 अरब पाउंड (6,261.5 अरब रुपये) की ‘डिफेंस एक्सपोर्ट फैसिलिटी’ शामिल है। इस पैकेज को ब्रिटिश रक्षा नीति में ‘ऐतिहासिक बदलाव’ बताते हुए उन्होंने कहा कि वित्तीय नियमों का उल्लंघन किये बिना सैन्य खर्च में इस बढ़ोतरी के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से कुछ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, जिनमें चुनिंदा सड़क और ऊर्जा योजनाएं शामिल हैं, में देरी की जायेगी या उन्हें रद्द कर दिया जायेगा।उन्होंने यूक्रेन के प्रति ब्रिटेन की प्रतिबद्धता को भी दोहराया और तर्क दिया कि इस युद्ध के परिणाम के यूरोपीय सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक परिणाम होंगे। उन्होंने कहा , “अगर रूस यूक्रेन में जीत जाता है तो पुतिन वहीं नहीं रुकेंगे, बल्कि अन्य सहयोगियों पर अपनी नजरें गड़ायेंगे।” उन्होंने कहा कि अब यूक्रेन की सुरक्षा को मजबूत कर और रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाकर उन पर ‘दबाव बढ़ाने’ का समय आ गया है। उन्होंने कहा, “यह रक्षा निवेश योजना हमारे समर्थन को पूरी तरह से बरकरार रखेगी।”

उन्होंने कहा कि दुनिया इन संघर्षों में बड़े पैमाने पर हो रहे मानवीय नुकसान को देख रही है, जो न्याय, संप्रभुता के हमारे मूल्यों और ब्रिटेन की उस सहज भावना के खिलाफ है कि धौंस जमाने वालों और तानाशाहों को लोगों पर मनमानी करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा, “ये खतरे दूर के नहीं हैं। हम देख रहे हैं कि विदेशी देश हमारे राष्ट्र को भी निशाना बना रहे हैं। विदेशी शक्तियों द्वारा काम पर रखे गये गुंडे हमारी सड़कों पर हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी कर रहे हैं।”उन्होंने ‘विभाजन के बीज बोने, अव्यवस्था भड़काने, झूठ फैलाने और हमारे लोकतंत्र को कमजोर करने’ के उद्देश्य से चलाये जा रहे दुष्प्रचार की ओर भी इशारा किया।

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