
बरेली, 30 जून । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उसकी सांस्कृतिक विरासत, महापुरुषों और पूर्वजों के प्रति सम्मान की भावना पर निर्भर करती है। जो समाज अपनी विरासत का संरक्षण करता है और अपने महापुरुषों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है, वही विकास के नए आयाम स्थापित करता है। इसके विपरीत जो समाज अपनी विरासत की उपेक्षा करता है, वह अपने पतन का मार्ग स्वयं प्रशस्त करता है।मुख्यमंत्री मंगलवार दोपहर बरेली में पंडित राधेश्याम कथावाचक की प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होने कहा कि आज उन्हें ऐसे दिव्य और महान व्यक्तित्व की प्रतिमा का अनावरण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जिनके जीवन, साहित्य और आध्यात्मिक योगदान ने समाज को नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने पंडित राधेश्याम कथावाचक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके चरणों में नमन किया तथा उनके परिवारजनों का स्वागत और अभिनंदन किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्मार्ट सिटी मिशन अंतर्गत इस महत्वपूर्ण कार्य को आगे बढ़ाया है। इसके लिए उन्होंने महापौर और जिला प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
योगी ने कहा कि विरासत केवल अतीत की स्मृति नहीं होती, बल्कि भविष्य के निर्माण की मजबूत नींव भी होती है। जो समाज अपने इतिहास, संस्कृति और महापुरुषों का सम्मान करता है, उसके लिए विकास का मार्ग स्वतः प्रशस्त होता है। वहीं अपनी विरासत की अवमानना करने वाला समाज न केवल अपने पूर्वजों का अपमान करता है, बल्कि अपनी प्रगति को भी अवरुद्ध कर देता है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और ऐतिहासिक महापुरुषों सम्मान के लिये लगातार कार्य कर रही है, ताकि समाज अपनी जड़ों से जुड़कर आत्मगौरव के साथ विकास पथ पर आगे बढ़ सके। मुख्यमंत्री ने इसके बाद सर्किट हाउस में लोक निर्माण विभाग से संबंधित विकास कार्यों की समीक्षा कर दिशा निर्देश दिए।