
लखनऊ, 30 जून । समाजवादी पार्टी (सपा) में अंदरूनी खींचतान अब सतह पर आ गई है। मुरादाबाद के विधायक कमाल अख्तर ने विधानसभा में सपा के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा के साथ चल रहे विवाद के बीच आया है। हालांकि पार्टी ने अभी तक इस्तीफे के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।कमाल अख्तर और रुचि वीरा के रिश्तों में खटास पिछले लोकसभा चुनाव से ही बताई जा रही थी लेकिन मामला 14 जून को मुरादाबाद में हुए पीडीए सम्मान सम्मेलन के बाद बिगड़ गया। आरोप है कि इस कार्यक्रम में सांसद रुचि वीरा को न तो बुलाया गया और न ही बैनर-पोस्टर में उनकी फोटो लगाई गई। इससे नाराज रुचि वीरा ने पार्टी फोरम पर आपत्ति जताई थी।
विवाद बढ़ने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में इमरजेंसी मीटिंग बुलाई थी। इसमें सांसद रुचि वीरा, राज्यसभा सांसद जावेद अली, कमाल अख्तर और पूर्व विधायक यूसुफ अंसारी मौजूद रहे। माना जा रहा था कि मामला सुलझ गया है, लेकिन कमाल अख्तर के इस्तीफे ने फिर से अटकलें तेज कर दी हैं।इस्तीफे के बाद कमाल अख्तर ने सोशल मीडिया पर लिखा, “माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी का जो आदेश मिला है उसका हमेशा पालन किया है, तथा जो भी आदेश मिलेगा, उसका सदैव पालन करता रहूंगा।”
गौरतलब है कि मनोज कुमार पांडे के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा देने के बाद जुलाई 2024 में कमाल अख्तर को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मनोज पांडे अब प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। सपा के इस अहम पद से कमाल अख्तर के हटने को मुरादाबाद में गुटबाजी के तौर पर देखा जा रहा है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए यह झटका माना जा रहा है।