
रामपुर, 30 जून । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चंदा प्रकरण पर विपक्षी दलों की बयानबाजी पर पलटवार करते हुये कहा कि जो लोग पहले रामभक्तों पर लाठी-गोली चलवाते थे, वही आज आस्था की वकालत कर रहे हैं।मंगलवार को रामपुर जिले के मिलक और बिलासपुर विधानसभा क्षेत्रों में 700 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुये उन्होने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने अतीत में प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण के अस्तित्व तक पर सवाल उठाए, जबकि आज राजनीतिक लाभ के लिए अयोध्या जाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता इन दलों के दोहरे चरित्र और झूठ को अच्छी तरह समझ चुकी है।
उन्होंने कहा कि रामभक्तों की ताकत के कारण ही विपक्षी दलों को अपनी राजनीतिक रणनीति बदलनी पड़ी है। “प्रभु श्रीराम जानते हैं कि कौन सही है और कौन गलत।” उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, नैमिषारण्य और अन्य तीर्थस्थलों के विकास से परेशानी है और वह जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में त्योहारों और धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध जैसे हालात थे, जबकि वर्तमान सरकार में कांवड़ यात्रा, रामनवमी, जन्माष्टमी, दीपावली और अन्य पर्व शांतिपूर्ण एवं भव्य तरीके से आयोजित हो रहे हैं।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय रामपुर में गरीबों और कमजोर वर्गों की जमीनों पर अवैध कब्जे होते थे तथा विकास कुछ परिवारों तक सीमित था। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली आपूर्ति और विकास कार्यों में भी भेदभाव किया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी 75 जिलों में विकास कार्य करा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विरासत संरक्षण और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। रामपुर के धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के साथ-साथ आधारभूत ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर-शामली आर्थिक कॉरिडोर रामपुर से होकर गुजरेगा, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि रामपुर में सड़क चौड़ीकरण, संपर्क मार्गों के विकास तथा अन्य आधारभूत परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। साथ ही बिलासपुर स्थित रुद्रविलास चीनी मिल के पुनरुद्धार और क्षमता विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है तथा सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। प्रदेश खाद्यान्न, गन्ना, चीनी, एथेनॉल और दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्यों में है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना के माध्यम से रामपुर के पैचवर्क, जरी कार्य, वायलिन निर्माण और मेंथा उद्योग को नई पहचान मिली है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। गरीबों को राशन, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा तथा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही सरकारी विद्यालयों और इंटर कॉलेजों के कायाकल्प के लिए भी व्यापक कार्य किए जा रहे हैं।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थियों को लैपटॉप, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत चेक, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लाभार्थियों को सहायता राशि तथा सामाजिक विकास में योगदान देने वाले व्यापारियों को भी सम्मानित किया।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह, सरदार बलदेव सिंह औलख, विधायक राजबाला सिंह, आकाश सक्सेना, शफीक अहमद अंसारी, एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त, हरी सिंह ढिल्लों, जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।