
लखनऊ, 30 जून । उत्तर प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना किसानों को 31,682 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान कर नया रिकॉर्ड बनाया है। सरकार का दावा है कि वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश के गन्ना किसानों को कुल 3,23,572 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिससे उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य बना हुआ है।गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के अनुसार, वर्ष 1995 से 2017 तक 22 वर्षों में किसानों को कुल 2,13,519 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया था, जबकि वर्तमान सरकार ने नौ वर्षों में इससे 1,10,053 करोड़ रुपये अधिक भुगतान किया है। इसी प्रकार वर्ष 2007 से 2017 के बीच 10 वर्षों में 1,47,346 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था, जबकि वर्ष 2017 से अब तक यह राशि बढ़कर 3,23,572 करोड़ रुपये पहुंच गई है।
विभाग के मुताबिक, पेराई सत्र 2025-26 में अब तक किसानों को कुल देय गन्ना मूल्य का 91.64 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। इस दौरान प्रदेश की 121 संचालित चीनी मिलों ने 878.12 लाख टन गन्ने की पेराई कर 89.52 लाख टन चीनी का उत्पादन किया।सरकार के अनुसार, मार्च 2017 से अब तक प्रदेश में चार नई चीनी मिलों की स्थापना की गई है, जबकि सात बंद चीनी मिलों का पुनः संचालन शुरू किया गया है। इसके अतिरिक्त 42 निजी, एक निगम तथा एक सहकारी क्षेत्र की चीनी मिल में क्षमता विस्तार किया गया है। इन प्रयासों से 1,28,500 टीसीडी अतिरिक्त पेराई क्षमता का सृजन हुआ है तथा लगभग 10 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है।
विभाग ने बताया कि वर्ष 2016-17 में प्रदेश का गन्ना क्षेत्रफल 20.54 लाख हेक्टेयर था, जो बढ़कर 28.61 लाख हेक्टेयर हो गया है। इसी अवधि में गन्ने की औसत उत्पादकता 72.38 टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 83.25 टन प्रति हेक्टेयर पहुंच गई है। उन्नत प्रजातियों, वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से प्रति हेक्टेयर 10.87 टन उत्पादकता वृद्धि दर्ज की गई है।