राम मंदिर चढ़ावा चोरी में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष को बचाने की कोशिश: अविमुक्तेश्वरानंद

राम मंदिर चढ़ावा चोरी में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष को बचाने की कोशिश: अविमुक्तेश्वरानंद

पीलीभीत, 1 जुलाई । उत्तर प्रदेश के पीलीभीत पहुंचे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष को बचाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। शंकराचार्य बुधवार को अपनी 81 दिवसीय गोरक्षा एवं धर्मयुद्ध यात्रा के तहत पूरनपुर और पीलीभीत पहुंचे। पूरनपुर से पीलीभीत तक विभिन्न स्थानों पर उनका स्वागत किया गया। पीलीभीत नगर स्थित एक बारातघर में आयोजित कार्यक्रम में साधु-संतों, धर्मावलंबियों, समाज के वरिष्ठजनों, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस तथा भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। हिंदू महासभा के अलावा अन्य प्रमुख हिंदू संगठनों की उपस्थिति नहीं रही।मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को गंभीर बताते हुए आरोप लगाया कि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण का पहला अधिकार वरिष्ठ धर्माचार्यों का था, लेकिन उन्हें ट्रस्ट से अलग कर दिया गया। उनका दावा था कि केंद्र सरकार ने मंदिर निर्माण के लिए अपने खजाने से कोई धनराशि नहीं दी।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्य सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि गौ संरक्षण के मुद्दे पर अपेक्षित कार्य नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वेद-पुराणों में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है और उसे राष्ट्रमाता घोषित किया जाना चाहिए।शंकराचार्य ने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य गाय को पशु श्रेणी से बाहर कर राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए जनजागरण करना है। उन्होंने लोगों से गौ संरक्षण का संकल्प लेने और गौ सेवा को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। साथ ही अपील की कि जो दल गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने का संकल्प ले, उसी का समर्थन किया जाए।

उन्होंने बताया कि विधानसभाओं की यात्रा पूरी होने के बाद लखनऊ में इस विषय पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान गौशाला निर्माण के लिए जनसहयोग का आह्वान करते हुए एक-एक रुपये के सहयोग का अभियान भी शुरू किया गया तथा इसके लिए कार्यक्रम संयोजक राजीव अग्रवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई।पूरनपुर में शंकराचार्य ने गाय की पूजा कर उसे गुड़ खिलाया और गौ संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न धर्मों के लोग भी गाय को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने के पक्षधर हैं।

अपने संबोधन में उन्होंने नाथ संप्रदाय के उन लोगों को भी शास्त्रार्थ की चुनौती स्वीकार करने का आमंत्रण दिया, जिन्होंने उनके विचारों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के आधार पर गाय को पूजनीय माता माना गया है और वह इस विषय पर शास्त्रार्थ के लिए तैयार हैं।

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