
लखनऊ, 2 जुलाई । उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे में कथित गड़बड़ी, लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।लखनऊ में गुरुवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में श्री गौतम ने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा और सोनिया गांधी का उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किए जाने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस दलितों तथा आदिवासियों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपनाते हैं।
श्री गौतम ने कहा कि राम मंदिर शिलान्यास के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को नहीं बुलाया गया और प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को इसलिए आमंत्रित नहीं किया गया क्योंकि वे दलित और आदिवासी समाज से आती हैं।राम मंदिर चंदे को लेकर श्री गौतम ने आरोप लगाया कि भाजपा और संघ के लोगों ने मंदिर निर्माण में “40 प्रतिशत कमीशन” खाया और भगवान के नाम पर आए चढ़ावे में भी कथित हेराफेरी की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में लिखित शिकायतें देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि यदि चंदे में गड़बड़ी हुई है तो दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग, न्यायपालिका और विशेष जांच दल (एसआईटी ) की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव है और वे भाजपा के हित में काम कर रही हैं।उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ही भाजपा को चुनौती दे सकती है और पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव तथा 2029 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को पराजित करेगी। उन्होंने कहा कि एक महीने के भीतर प्रदेश में संगठन को पूरी तरह सक्रिय कर दिया जाएगा।
बुलडोजर कार्रवाई पर भी कांग्रेसी नेता ने आरोप लगाया कि बुलडोजर का इस्तेमाल गरीबों, पिछड़ों और मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ किया जा रहा है, जबकि अपराधियों को सजा देने का अधिकार न्यायपालिका का है। उनके अनुसार, सरकार इस प्रक्रिया के जरिए संविधान की भावना का उल्लंघन कर रही है।