
लखनऊ, 05 जुलाई। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने रविवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘नव संकल्प सभा’ के जरिए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों का आगाज कर दिया।पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान की 80वीं जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने संगठन विस्तार, सामाजिक न्याय और आगामी चुनावी रणनीति को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं।
उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वह अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश में पार्टी को मजबूत करेंगे।उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यह दिन उनके लिए बेहद भावनात्मक है। उनके पिता उन्हें बचपन से राजनीति की सीख देते थे और अब उनके सपनों को साकार करना उनकी जिम्मेदारी है।
श्री चिराग ने आरक्षण और संविधान के मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि जब तक वह जीवित हैं, कोई भी संविधान और आरक्षण को समाप्त नहीं कर सकता।उन्होंने कहा कि असली खतरा उन लोगों की सोच से है जो समाज में विभाजन पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने जातिवाद मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने का संकल्प दोहराते हुए कार्यकर्ताओं से सहयोग की अपील की।
श्री चिराग ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल समाज को बांटने की राजनीति करते हैं और युवाओं को जोड़ने के बजाय भाई को भाई से लड़ाने का काम करते हैं।उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में संविधान और लोकतंत्र को लेकर भ्रम फैलाया गया, लेकिन जनता ने उन दावों को स्वीकार नहीं किया। साथ ही उन्होंने दलितों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए विपक्ष से जवाबदेही तय करने की बात कही।
मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि फिलहाल पार्टी की पहली प्राथमिकता उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करना है।उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में पार्टी की रणनीति परिस्थितियों के अनुसार तय होती है और उत्तर प्रदेश में भी पहले मजबूत संगठन खड़ा किया जाएगा, उसके बाद चुनावी रणनीति पर फैसला लिया जाएगा।
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।कार्यक्रम में पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं सांसद अरुण भारती ने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए मजबूती से संघर्ष करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
राजनीतिक दृष्टि से इस ‘नव संकल्प सभा’ को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजग की चुनावी तैयारियों के एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार के जरिए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश में जुट गई है।