विरासत के साथ विकास का सम्मान ही सरकार की कार्यशैली का आधार: योगी

विरासत के साथ विकास का सम्मान ही सरकार की कार्यशैली का आधार: योगी

प्रयागराज, 6 जुलाई । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र “विकास के साथ विरासत का सम्मान” का उल्लेख करते हुए कहा कि यही सरकार की कार्यशैली का आधार है।योगी ने सोमवार को प्रयागराज में प्रेरणा स्थल का लोकार्पण एवं विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं का अनावरण किया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने “सियावर रामचंद्र की जय” के उद्घोष के साथ की तथा भगवान हनुमान, गंगा, सरस्वती, भगवान शिव और माता पार्वती का जयघोष किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन विशेष महत्व का है क्योंकि भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीयता के लिए समर्पित महान शिक्षाविद, स्वतंत्रता सेनानी एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने “एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे” का संकल्प लेकर राष्ट्रीय एकता के लिए संघर्ष किया।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयागराज में प्रेरणा स्थल का निर्माण और महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थापना जनप्रतिनिधियों का सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि पहले नदियों के किनारे के स्थानों का दुरुपयोग होता था, लेकिन अब वे प्रेरणा के केंद्र बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देशहित में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी और उनके सपनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार किया गया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर वहां पूर्ण रूप से भारतीय संविधान लागू किया गया।पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने छह दशकों तक सांसद, मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन जिया, लेकिन उनके दामन पर भ्रष्टाचार का कोई दाग नहीं लगा। उन्होंने कहा कि आज उनकी प्रतिमा का अनावरण करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

मुख्यमंत्री ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल को भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का सपना साकार करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने कहा कि सिंघल ने संत समाज को एक मंच पर लाकर राम मंदिर आंदोलन को जनआंदोलन बनाया।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की आत्मा सनातन संस्कृति में बसती है और भगवान राम राष्ट्रीय एकता के प्रतीक हैं।

प्रयागराज के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि भारद्वाज की प्रतिमा की स्थापना तथा उनके आश्रम और मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य डबल इंजन सरकार ने कराया है। उन्होंने कहा कि जनवरी 2025 में आयोजित महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रयागराज पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाई और प्रयागराजवासियों ने अतिथियों का अभूतपूर्व स्वागत किया।मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रयागराज में डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम पर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा गंगा नदी पर लगभग एक हजार करोड़ रुपये की लागत से नए पुल का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज के विकास से जुड़ी अन्य परियोजनाओं की भी समीक्षा की जा रही है।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनता अच्छे जनप्रतिनिधि चुनती है तो उसके सकारात्मक परिणाम विकास के रूप में सामने आते हैं।

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