
लखनऊ, 6 जुलाई। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने सपा के शासनकाल में बनाई गई विकास परियोजनाओं और जनहित की योजनाओं की अनदेखी कर उन्हें जर्जर होने के लिए छोड़ दिया है।लखनऊ में पार्टी कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होने कहा कि सपा सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए जो आधार तैयार किया था, वर्तमान सरकार उसे आगे बढ़ाने के बजाय बर्बाद करने में लगी हुई है। समाजवादी सरकार ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे का निर्माण कर प्रदेश की राजधानी को देश की राजधानी से बेहतर संपर्क उपलब्ध कराया था। आम उत्पादकों के हित में विशेष आम मंडी बनाई गई थी, लेकिन भाजपा सरकार की अनदेखी के चलते उसकी स्थिति खराब हो गई है।
उन्होंने दावा किया कि संडीला में पेप्सी का बड़ा प्लांट स्थापित कराया गया, कैंसर मरीजों के लिए सस्ता और बेहतर अस्पताल बनाया गया, लेकिन सरकार ने इन परियोजनाओं के विकास और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इकाना स्टेडियम, जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) और पुलिस मुख्यालय जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की भी हालत खराब कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जेपीएनआईसी एक महापुरुष के नाम पर बनाया गया था, लेकिन भाजपा सरकार को उनसे भी परहेज है।श्री यादव ने आरोप लगाया कि किसानों के लिए बनाए गए किसान बाजार को कैफे बाजार में बदल दिया गया और किसानों के ठहरने की जगह को तीन सितारा होटल में तब्दील कर दिया गया। अयोध्या में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सपा अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले का संज्ञान देश-दुनिया के रामभक्तों, साधु-संतों, अयोध्या के लोगों, सुप्रीम कोर्ट और लोकसभा अध्यक्ष को लेना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसी भी तरह का नैरेटिव गढ़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि “जब तक दिल्ली वाले कुछ सोच पाते, लखनऊ वालों ने अपने हाथ में सब ले लिया। यह दिल्ली और लखनऊ की लड़ाई है।” अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के खिलाफ यदि झूठा प्रचार किया गया तो पार्टी के कार्यकर्ता संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।इस दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर विकास कार्यों की उपेक्षा, जनहित की योजनाओं को कमजोर करने और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण प्रदेश के संसाधनों का नुकसान करने का आरोप लगाया।