विहिप ने किया चंपत राय का बचाव, कहा – दोष सिद्ध होने तक अपराधी कहना अन्याय

विहिप ने किया चंपत राय का बचाव, कहा – दोष सिद्ध होने तक अपराधी कहना अन्याय

नयी दिल्ली, 06 जुलाई । विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्स्ट में राममंदिर के चढ़ावे की ‘चोरी’ की बात को स्वीकार किया है पर इस मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि ‘दोष सिद्ध होने तक किसी को अपराधी कहना अन्याय है।विहिप के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने नयी दिल्ली में सोमवार को आयोजित एक विशेष प्रेसवार्ता में कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति हो रही है और राजनीति करने वालों निशाने पर असल में भगवान राम हैं।

उन्होंने कहा , “हमने कभी नहीं कहा कि कोई चोरी नहीं हुई। मैं बार-बार कह रहा हूं चोरी हुई है, पूरा देश लज्जित है, दोषी पकड़े जाने चाहिए और पहले दिन से कहा है फास्ट ट्रैक कोर्ट में शीघ्रतम इन पर कार्यवाही होनी चाहिए। मुझे लगता है यह आपका कहना शायद हमारे प्रति अन्याय है कि हम यह मान रहे हैं कि चोरी नहीं हुई।”यह प्रेसवार्ता ऐसे समय आयोजित की गयी जबकि आज ही अयोध्या में ट्रस्ट की बैठक बुलाई गयी है जिसमें श्री चंपत राय और न्यास के सदस्य अनिल मिश्रा के त्याग पत्रों पर निर्णय किया जा सकता है।

ट्रस्ट को जो अभी तक करना चाहिए था, वो कर रहा है। आरोप लगे, एसआईटी का गठन इन्होंने स्वयं करवाया। सरकार ने नहीं किया, कोर्ट ने नहीं किया। बाकी मामलों में सरकार करती है या कोर्ट करती है, वो स्वयं बचने की कोशिश करते हैं, यहां ट्रस्ट ने बचने की कोशिश नहीं की। केवल यही नहीं, जैसे ही प्रारंभिक रिपोर्ट आई, हमने आठ लोगों पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज करा दी। उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई।श्री जैन ने कहा , ‘ विरोधियों के निशाने पर ये चढ़ावा चोर नहीं हैं। उनके निशाने पर चंपत जी भी नहीं हैं। उनके निशाने पर विश्व हिंदू परिषद या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी नहीं है। असल में उनके निशाने पर स्वयं भगवान राम हैं। ये लोग राम के प्रति आस्था समाप्त करना चाहते हैं। जो संघर्ष, जो बलिदान हिंदू समाज ने किया है, उसके इतिहास को ये लोग कलंकित करना चाहते हैं। ये लोग कभी सफल नहीं होंगे। इन्होंने पहले भी कोशिश की थी, लेकिन राम का मुकाबला नहीं कर पाये। राजनीति की थी राम के नाम पर, परिणाम? आज तुम ढूंढे हुए भी नहीं दिखाई देते। तुम्हें इसकी सजा मिलेगी, देश की जनता देगी और ये वास्तविकता है, तुम्हारा नाम कहीं किताबों में रह जाएगा, जमीन पर नहीं।’

श्री जैन ने कहा कि विहिप दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करती है। साथ ही उन्होंने श्री चंपत राय का बचाव करते हुये उन्होंने कहा कि ” जब तक दोष सिद्ध नहीं होता, तब तक उन्हें दोषी कहना उनके साथ अन्याय होगा।” साथ ही उन्होंने दावा कि इस मामले में ” विहिप का दामन पाक-साफ है।” श्री जैन ने कहा, “भारतीय संविधान का यह महत्वपूर्ण सिद्धांत है। जब तक किसी का दोष सिद्ध ना हो जाए, उसको अपराधी मत मानिए। कहां चंपत जी का दोष सिद्ध हो गया है? क्या जांच एजेंसी को काम नहीं करने देंगे? क्या निर्णय की प्रतीक्षा नहीं करेंगे?”उन्होंने कहा, “इस दुखद घटना से पूरे देश के अंदर नाराजगी है और केवल नाराजगी नहीं है, हम जैसे लोगों ने जो इसके आंदोलन के हर कदम के ऊपर सर्वस्व अर्पण करने के लिए तैयार रहते थे, हमको लज्जा भी है। लेकिन जिस तरह से जांच चल रही है, उससे संतोष भी है। ये लज्जा, ये गुस्सा, ये सब होने के बावजूद अभी लोगों का ट्रस्ट के प्रति विश्वास नहीं हिला है। राम जन्मभूमि के प्रति विश्वास नहीं हिला है। जो ये सब लोग चाहते हैं, वो पूरा नहीं हो रहा, भक्तों का विश्वास वही है और वो उसी संख्या में जा रहे हैं।”श्री जैन ने कहा कि विहिप को ट्रस्ट के सभी सदस्यों के विवेक पर पूरा विश्वास है। वे जो भी निर्णय लेंगे, वह निर्णय विहिप को स्वीकार है। उस निर्णय का सम्मान करते हुए ही आगे की कार्यवाही प्रारंभ की जायेगी। जितना पूरे देश के रामभक्तों को निर्णय का इंतजार है, उतना ही विहिप को भी है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी विश्वास है कि जो भी फैसला किया जायेगा, वह आज की परिस्थिति में सबसे उपयुक्त निर्णय होगा।उन्होंने स्वीकार किया कि राम मंदिर की देखरेख की व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। उन्होंने कहा, “इससे हम सहमत हैं और यह विशेष जांच दल ( एसआईटी’ की विवेचना क्षेत्र के दायरे में भी है। एसआईटी को दिये गये कामों में मंदिर की देख रेख की व्यस्था में सुधार पर रिपोर्ट देने का एक काम भी है। सुधार के लिये जो भी सुझाव दिया जायेगा, न्यास उसका स्वागत करेगा और एक पारदर्शी और अधिक मजबूत व्यवस्था बनाने की कोशिश करेगा।”उन्होंने कहा, “पूरा देश आहत है इस घटना से, दुखी है, लेकिन उसका विश्वास नहीं टूटा है। विश्वास इस ट्रस्ट के प्रति बिल्कुल नहीं हिला है। उन्हें मालूम है जो दोषी हैं वह पकड़े गए हैं। ‘एंड अदर्स’ (अन्य) के नाम से बाकियों पर भी बात चल रही है और जो भी दोषी होगा वह सामने आएगा। लेकिन कोई अगर यह सोचकर चले कि केवल उनके नाम लेने से किसी निर्दोष को सजा दे दी जाएगी, वह संभव नहीं है।”

उन्होंने कहा कि भारत में संविधान और कानून का शासन है, यह तालिबान की व्यवस्था नहीं हो सकती जो हाथ में फांसी का फंदा लेकर चलते हैं, नाम लिखते हैं, वह सामने आ जाए तो गले में फांसी का फंदा डाल देते हैं। श्री जैन ने कहा , ” यह यहां संभव नहीं है, न्याय की प्रक्रिया है, उसका पालन होने दीजिए। जांच को प्रभावित मत कीजिए, यह मैं बार-बार इन आरोप लगाने वालों से कहता हूं। सबूत हैं तो लेकर सामने आएं; एसआईटी के सामने, जांच अधिकारी के सामने रखें, कोर्ट में रखें। लेकिन अनावश्यक रूप से किसी को फांसी के फंदे पर लटकाने की कोशिश ना करें। जो भी निर्णय होगा वह उचित होगा, यह हमको विश्वास है।”

श्री जैन ने इस मामले का राजनीतिकरण किये जाने का आरोप लगतो हुए कहा, “बार-बार गोलपोस्ट बदल रहे हैं। पहले कहा गया कि सोने की या चांदी की शिलाएं गायब हो गईं; बाद में दिखाई दे गया कि वो बैंक के लॉकर में हैं। फिर नई चीज सामने आ गई। यह ‘स्पिट एंड रन’ यानी थूको और भागो, यह राजनीति चल रही है, यह बिल्कुल भी किसी देश के प्रजातंत्र के लिए अच्छा नहीं है। शिला पूजन के समय भी आरोप लगे थे, उस समय भी जांच हुई थी, यह सिद्ध हुआ था कि एक भी पैसा इधर से उधर नहीं हुआ, अकाउंट्स ऑडिट हुए हैं, एक-एक पैसे-पैसे का हिसाब है।”

उन्होंने कहा, “हमारा दामन आज भी पाक-साफ है, आगे भी रहेगा। अपराधियों को, दोषियों को जरूर दंडित किया जाएगा, यह मुझे पक्का विश्वास है।”

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