श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रावण मास की तैयारियों को लेकर बैठक संपन्न, बाबा अलग अलग रूपों में देंगे दर्शन

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रावण मास की तैयारियों को लेकर बैठक संपन्न, बाबा अलग अलग रूपों में देंगे दर्शन

वाराणसी, 7 जुलाई । श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित सभागार (बोर्ड रूम) में आगामी श्रावण मास-2026 की तैयारियों की समीक्षा को लेकर मंगलवार को मंडलायुक्त एस. राजलिंगम तथा पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में श्रावण मास के दौरान बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक रहेगा।इस वर्ष श्रावण मास में चार सोमवार पड़ेंगे। तीन अगस्त को प्रथम सोमवार पर ‘शंकर स्वरूप’ श्रृंगार, 10 अगस्त को ‘गौरी-शंकर’ श्रृंगार, 17 अगस्त को ‘अर्धनारीश्वर’ श्रृंगार तथा 24 अगस्त को ‘रुद्राक्ष’ श्रृंगार किया जाएगा। 27 अगस्त (पूर्णिमा) को ‘झूला श्रृंगार’ तथा 28 अगस्त (रक्षाबंधन) को सामान्य दर्शन होंगे।

मंदिर प्रशासन ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। पूर्व वर्षों की भांति इस बार भी जिग-जैग रेलिंग पर ऊपर एवं नीचे बैरिकेडिंग कर भीड़ के दबाव को नियंत्रित किया जाएगा। धाम परिसर में कतारबद्ध श्रद्धालुओं के लिए इंडस्ट्रियल एयर कूलर, नियमित अंतराल पर शीतल पेयजल, ओआरएस तथा चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। काशीवासियों के लिए श्रावण सोमवार एवं पर्व दिवसों को छोड़कर प्रतिदिन प्रातः चार से पांच बजे तथा सायं चार से पांच बजे तक झांकी दर्शन की व्यवस्था रहेगी।जो श्रद्धालु धाम नहीं पहुंच सकेंगे, उनके लिए मंदिर न्यास की वेबसाइट, आधिकारिक यूट्यूब चैनल तथा टाटा स्काई के माध्यम से लाइव दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रशासन ने बताया कि श्रावण सोमवार को अत्यधिक भीड़ की संभावना को देखते हुए श्रद्धालुओं से खाली पेट कतार में न लगने की अपील की जाएगी, क्योंकि दर्शन में अपेक्षाकृत अधिक समय लग सकता है। धाम में प्रवेश के लिए गेट संख्या-4, काशी द्वार (4बी), नंदू फेरिया, सिल्को, ढुंढिराज, सरस्वती फाटक तथा भैरव द्वार (मंदिर घाट की ओर से) निर्धारित रहेंगे। हालांकि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मंदिर घाट की ओर से प्रवेश अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जा सकता है।मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संपूर्ण श्रावण मास के दौरान विशेष मांग (प्रोटोकॉल) के आधार पर दर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे तथा किसी भी प्रकार का विशेष दर्शन अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर चिकित्सकीय दल एवं एंबुलेंस तैनात रहेंगी। इसके अलावा मंदिर परिसर, शंकराचार्य चौक, गेट संख्या-1, गेट संख्या-2, गेट संख्या-4 तथा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर घाट पर छह खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां सुरक्षा कर्मियों के साथ सहायता कर्मी भी तैनात रहेंगे।

वृद्ध, अशक्त, दिव्यांगजन एवं बच्चों की सुविधा के लिए गोदौलिया से मैदागिन तक निःशुल्क गोल्फ कार्ट सेवा संचालित की जाएगी। साथ ही गत वर्ष की भांति वृद्ध, दिव्यांग तथा अत्यधिक भीड़ के कारण प्रत्यक्ष दर्शन से वंचित श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन दर्शन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

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