
लखनऊ, 9 जुलाई । दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने से उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर तेज हो गया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गुरुवार को रुक-रुक कर वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं, जिससे लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत मिली।बारिश के चलते प्रयागराज और अमरोहा समेत कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। नाले चोक होने से जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ा और अधिसंख्य इलाकों में सड़कों पर जाम के हालात दिखायी पड़े। सुबह से हो रही बारिश के चलते दफ्तर जाने वालों को दुश्वारी का सामना करना पड़ा वहीं कई जिलों में स्कूलों में रेनी डे घोषित कर दिया गया। पिछले 24 घंटों में संतकबीरनगर,बुलंदशहर और कुशीनगर में पांच लोगों की मौत हो गयी जबकि चार अन्य गंभीर रुप से घायल हो गये।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार राजधानी लखनऊ में गुरुवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर में 27.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को भी आसमान में घने बादल छाए रहेंगे तथा रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहेगा, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। अगले कुछ घंटों के लिए जारी तात्कालिक पूर्वानुमान में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, शामली, मुरादाबाद, बागपत, हापुड़, बलिया, देवरिया, सिद्धार्थनगर, बस्ती, फतेहपुर और कौशांबी समेत कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं, आकाशीय बिजली और मध्यम से तीव्र वर्षा की चेतावनी दी गई है। वहीं बांदा, चित्रकूट, गोरखपुर और संतकबीरनगर में भारी बारिश और 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।बारिश के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। मेरठ में 94.9 मिमी, मुजफ्फरनगर में 68.2 मिमी, बरेली में 58.8 मिमी और मुरादाबाद में 22 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मेरठ का अधिकतम तापमान घटकर 26.1 डिग्री सेल्सियस और मुजफ्फरनगर का 26.5 डिग्री सेल्सियस रह गया।
मॉनसून सीजन (1 जून से 9 जुलाई) के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 13 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में अभी भी सामान्य से 48 प्रतिशत कम बारिश हुई है। राज्य स्तर पर कुल वर्षा सामान्य से 27 प्रतिशत कम बनी हुई है, हालांकि हाल के दिनों में सक्रिय मानसून से इस कमी के कम होने की उम्मीद है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, संभल, एटा, हाथरस और बागपत जैसे जिलों में सामान्य से काफी अधिक वर्षा दर्ज की गई है।संतकबीरनगर से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार बखिरा एवं बेलहर थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक वृद्धा एवं एक किशोरी की मौत हो गई। एसडीएम मेंहदावल अरुण कुमार ने यहाँ बताया कि बेलहर थाना क्षेत्र के बनौली गांव की निवासी चांदनी (17) पुत्री घनश्याम सुबह करीब 6 बजे कटया गांव स्थित अपने खेत में रोपाई के लिए निकली थी। दोपहर लगभग 1 बजे आकाशीय बिजली की चपेट में आने से खेत में ही उसकी मौत हो गई। फिर भी परिजन उसे सीएचसी लोहरसन ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसी तरह बखिरा थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव में श्रीमती बरसाना (60) पत्नी तूफानी की भी अपने खेत में धान की रोपाई करते समय आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई।
बुलन्दशहर जिले के खुर्जा नगर क्षेत्र स्थित ग्राम मुंडाखेड़ा में गुरुवार शाम लगातार हो रही बारिश के बीच एक दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। क्षेत्राधिकारी खुर्जा शोभित कुमार ने बताया कि शाम करीब पांच बजे ग्राम मुंडाखेड़ा में दीवार गिरने की सूचना मिलते ही थाना खुर्जा नगर पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।प्रारंभिक जांच में पता चला कि गांव के एक खाली प्लॉट में दीवार के निकट दो परिवार अस्थायी टेंट लगाकर रह रहे थे। इनमें एक परिवार थाना नरसैना क्षेत्र के ग्राम चंदियाना और दूसरा थाना खुर्जा नगर क्षेत्र के ग्राम ढांकर का निवासी है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे छह लोग मलबे में दब गए। पुलिस और राहत दल ने तत्काल बचाव कार्य शुरू कर सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया। चार घायलों में से दो की हालत सामान्य बताई गई है, जबकि दो अन्य को बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है।
कुशीनगर में विशुनपुरा क्षेत्र में गुरुवार को हल्की वर्षा के बीच बिजली गिरने से मां की आंखों के सामने ही किशोर की झुलस कर मृत्यु हो गयी। दोनों एक साथ खेत से सब्जी निकालने गए थे। पुलिस के अनुसार कुशीनगर जिले के ठाढ़ीभार निवासी लालबाबू कुशवाहा रोजगार के सिलसिले में पांच वर्ष से सऊदी अरब में हैं। घर पर पत्नी कविता व 14 वर्षीय पुत्र राहुल कुमार रहते हैं। गांव पर पत्नी सब्जी की खेती भी करती हैं। गुरुवार की दोपहर बाद लगभग तीन बजे वह अपने इकलौते पुत्र के साथ खेत से सब्जी निकाल कर बेचने के लिए गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह खेत से सब्जी तोड़ कर मेड पर बोरा लेकर खड़े पुत्र को दे रही थीं और वह उसमें रख रहा था। इस दौरान बिजली गिरी तो राहुल चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। मां कविता अभी कुछ समझ पातीं कि मौके पर ही पुत्र की मौत हो गई।पिछले चौबीस घंटों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते अमरोहा जिले में गुरुवार को गंगा नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए है। बिजनौर स्थित चौधरी चरण सिंह बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है, जिसके चलते तटीय क्षेत्रों में स्थित किसानों के खेत और पुरोहितों की झोपड़ियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। जिला प्रशासन ने गुरुवार सुबह स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी बाढ़ चौकियों को चौबीसों घंटे स्थिति पर नज़र बनाए रखने के निर्देश किए हैं।पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बुधवार और गुरुवार को भी लगातार जारी भारी वर्षा के कारण गंगा नदी के जलस्तर में 40 सेंटीमीटर से अधिक की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके बाद मीटर गेज पर पानी का स्तर बढ़कर 199.65 मीटर तक पहुंच गया है।
बिजनौर बैराज से निरंतर पानी छोड़े जाने के चलते खादर क्षेत्र के गांवों में तेजी से पानी फैल रहा है, जिससे खड़ी फसलें जलमग्न होने की आशंका से ग्रामीण और किसान बेहद चिंतित हैं। बाढ़ खंड विभाग के अवर अभियंता सुभाष के मुताबिक इलाके में वर्षा की निरंतरता और बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, जिसे देखते हुए सभी प्रभावित क्षेत्रों में मुस्तैदी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम बढ़ा दिए गए हैं।प्रयागराज में गुरुवार सुबह हुई मानसून की पहली जोरदार बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। शहर के पुराने मोहल्लों से लेकर पॉश इलाके सिविल लाइंस तक जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के अकबरपुर मोहल्ले में गलियों में बारिश का पानी भर जाने से लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले और नालियां चोक होने के कारण जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। गलियों में कई जगह घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे लोगों को घरों से निकलने में कठिनाई हो रही है।
गौरतलब है कि नगर निगम ने नालों और नालियों की सफाई के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का दावा किया था, लेकिन मानसून की पहली तेज बारिश ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभिन्न इलाकों में हुए जलभराव से साफ संकेत मिल रहे हैं कि नालों की सफाई का कार्य अपेक्षित स्तर पर नहीं हुआ और बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जल निकासी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।