
नयी दिल्ली, 09 जुलाई । भारतीय जनता पार्टी (वार्ता) ने कृपाण को सिख समुदाय की आस्था की एक पवित्र वस्तु बताते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने के किसी भी प्रस्ताव को खारिज करने और सिख संगठनों के साथ रचनात्मक रूप से बातचीत जारी रखने का आग्रह किया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सार्वजनिक सुरक्षा बनी रहे और आस्था का पालन करने के संवैधानिक और मानवाधिकारों का पूरा सम्मान भी हो सके।भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि कृपाण हमला करने का हथियार नहीं है। यह उन पाँच ‘ककारों’ (पंच ककार) में से एक है, जो 1699 में गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा को दिए थे। यह आस्था की एक पवित्र वस्तु है जो न्याय, साहस, आत्म-रक्षा, कमज़ोरों की सुरक्षा और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ खड़े होने के कर्तव्य का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति के काम के आधार पर पूरे धर्म को अपराधी नहीं ठहराया जा सकता और न ही दुनिया भर में कानून का पालन करने वाले लाखों सिखों की धार्मिक आज़ादी को कमज़ोर किया जा सकता है। अगर कोई व्यक्ति अपराध करता है, तो उसे कानून का पूरा सामना करना चाहिए। हालाँकि, किसी व्यक्ति के काम की वजह से सिख धर्म और उसकी पवित्र परंपराओं को कभी भी कठघरे में खड़ा नहीं किया जाना चाहिए।भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “कृपाण पर प्रतिबंध लगाने का कोई भी कदम दुनिया भर के सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी चोट पहुँचाएगा और एक लोकतांत्रिक समाज में धार्मिक आज़ादी के बारे में गलत संदेश देगा, जिसने लंबे समय से विविधता, समावेश और धर्म की आज़ादी के मूल्यों को बनाए रखा है। मैं सम्मानपूर्वक ब्रिटेन की सरकार से आग्रह करता हूँ कि वह कृपाण पर प्रतिबंध लगाने के किसी भी प्रस्ताव को खारिज करे और सिख संगठनों के साथ रचनात्मक रूप से बातचीत जारी रखे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सार्वजनिक सुरक्षा बनी रहे और साथ ही अपनी आस्था का पालन करने के संवैधानिक और मानवाधिकारों का पूरा सम्मान हो।”
उन्होंने कहा, “हम हमेशा सिखों की गरिमा, अधिकारों और धार्मिक आज़ादी के लिए मज़बूती से खड़े रहे हैं। हम दुनिया भर में सिख समुदाय के लिए अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे और भारत सरकार से आग्रह करेंगे कि वह उचित राजनयिक माध्यमों से ब्रिटिश के अधिकारियों के साथ बातचीत करे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कृपाण के पवित्र महत्व को पूरी तरह से समझा और उसका सम्मान किया जाए। आस्था की रक्षा करें। अपराधी को सज़ा दें। दोनों को कभी न मिलाएँ।”गौरतलब है कि ब्रिटेन में एक सिख युवक द्वारा चाकू/कृपाण का इस्तेमाल कर हेनरी नोवाक नामक छात्र की हत्या करने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर कृपाण ले जाने पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठ रही है।