
लखनऊ, 10 जुलाई। उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के लगभग 10 लाख स्थायी और संविदा कर्मियों को जल्द ही भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के सैलरी पैकेज का लाभ मिलेगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग और एसबीआई के बीच जल्द ही एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस व्यवस्था के तहत शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार के बीमा कवर और बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।अपर मुख्य सचिव बेसिक और माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने यूनीवार्ता से बातचीत में बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षामित्रों, अंशकालिक अनुदेशकों तथा अन्य कर्मचारियों को उनके वेतन खातों के आधार पर सामाजिक सुरक्षा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न बैंकों से प्रस्ताव मांगे गए थे। प्रस्तावों के परीक्षण के बाद भारतीय स्टेट बैंक के सैलरी पैकेज को उपयुक्त पाया गया।
श्री शर्मा ने बताया कि योजना के तहत विभाग के करीब 4.50 लाख स्थायी कर्मचारियों तथा 5.50 लाख संविदा और अनुबंधित कर्मचारियों सहित कुल लगभग 10 लाख कर्मियों को लाभ मिलेगा। इनमें शिक्षक, शिक्षामित्र, अंशकालिक अनुदेशक, समग्र शिक्षा अभियान के कर्मचारी, मध्यान्ह भोजन योजना से जुड़े रसोइये और अन्य अनुबंधित कार्मिक शामिल हैं।दरअसल विभाग की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार जिन स्थायी कर्मचारियों का शुद्ध मासिक वेतन 10 हजार रुपये से अधिक है, उन्हें 10 लाख रुपये का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस, एक करोड़ रुपये का पर्सनल एक्सीडेंट कवर, एक करोड़ रुपये का स्थायी दिव्यांगता कवर तथा 1.60 करोड़ रुपये का एयर एक्सीडेंट कवर मिलेगा।
इसके अलावा किसी अनहोनी की स्थिति में कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और पुत्रियों के विवाह के लिए भी विशेष सहायता (एड-ऑन कवर) उपलब्ध होगी। वहीं, 10 हजार रुपये से अधिक शुद्ध मासिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों को श्रेणी के अनुसार 30 लाख रुपये से 80 लाख रुपये तक का पर्सनल एक्सीडेंट कवर, स्थायी अथवा आंशिक दिव्यांगता बीमा, एयर एक्सीडेंट बीमा तथा बच्चों की शिक्षा और पुत्रियों के विवाह के लिए एड-ऑन कवर का लाभ मिलेगा।प्रस्ताव के मुताबिक जिन कर्मचारियों का शुद्ध मासिक वेतन 10 हजार रुपये से कम है, उन्हें जीरो बैलेंस खाते के साथ एटीएम आधारित दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। प्रस्ताव के मुताबिक जिन कर्मचारियों के वेतन खाते पहले से एसबीआई में संचालित हैं, उन्हें स्वतः सैलरी पैकेज में शामिल किया जाएगा। जिनके खाते अन्य बैंकों में हैं, उन्हें एसबीआई में वेतन खाता खोलने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे भी इस एमओयू के तहत मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ उठा सकें।