राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस का हमला, उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस का हमला, उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग

लखनऊ, 10 जुलाई । अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला है।उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य दीपेंद्र हुड्डा ने शुक्रवार को लखनऊ में पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बातें कहीं। उन्होंने मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच कराने तथा राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की मांग की।

श्री हुड्डा ने कहा कि राम केवल आस्था के प्रतीक नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन का आधार हैं। उन्होंने कहा कि देशभर के श्रद्धालु कथित चढ़ावा प्रकरण को लेकर चिंतित हैं और सरकार के मुखिया की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि जब मंदिर निर्माण का श्रेय प्रधानमंत्री ने लिया था, तो अब कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय और अनिल मिश्रा पर कोई आरोप नहीं था तो उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया। साथ ही ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की जवाबदेही तय करने की भी मांग की। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित गड़बड़ियों के तार प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब तक जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, वे केवल छोटे कर्मचारी हैं और सरकार मामले को भटकाने तथा लीपापोती करने में लगी हुई है। उनका दावा था कि सरकार इस पूरे प्रकरण में चारों तरफ से घिर चुकी है।

श्री राय ने आरोप लगाया कि पूरे ट्रस्ट पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई केवल छोटे अधिकारियों तक सीमित रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि बिना सरकारी संरक्षण के इतना बड़ा कथित घोटाला संभव नहीं है। कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच कराई जाए तथा राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए।

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