
गोरखपुर, 12 जुलाई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह गोरखपुर से, एक दिन में 35 करोड़ रिकार्ड पौधरोपण के लक्ष्य वाले प्रदेशव्यापी पौधरोपण महायज्ञ 2026 का शुभारंभ किया।‘मुख्यमंत्री एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भगवानपुर टोल प्लाजा के समीप पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल, बरगद) का पौधा लगाया और सेल्फी भी ली।
श्री योगी इसके बाद पौधरोपण महायज्ञ के उपलक्ष्य में गीडा सेक्टर 28 में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि विगत नौ वर्षों में प्रदेश में भौतिक विकास की रफ्तार तेज होने के साथ ही वनाच्छादन का भी विस्तार हुआ है। पौधरोपण महायज्ञ का शुभारंभ करने के बाद गोरखनाथ मंदिर वापस लौटते समय योगी ने गोरखपुर के आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे भी पौधरोपण किया। यहां उन्होंने मौलश्री का पौधा लगाया।उन्होंने गीडा के सेक्टर 28 में हुए पौधरोपण महायज्ञ कार्यक्रम में कहा कि वर्ष 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी वृद्धि हुई है। एक्सप्रेसवे, हाईवे के साथ बड़े पैमाने पर सड़कों का जाल बिछा है। नए-नए उद्योग लगे हैं। शहरीकरण का दायरा बढ़ा है और नई-नई कॉलोनियां विकसित हुई हैं। भौतिक विकास में तेज योगदान देने वाले इस राज्य ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति संकल्पित प्रयासों से वनाच्छादन के विस्तार में भी सफलता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती पर जब एक पेड़ उगता है तो वह सैकड़ो टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करता है। उन्होंने बताया कि विगत नौ वर्षों में यूपी का वनाच्छादन बढ़ने से 6 करोड़ 37 लाख 74 हजार 130 टन कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषण तथा 4 करोड़ 63 लाख 90 हजार 130 टन ऑक्सीजन उत्सर्जन हुआ।मुख्यमंत्री ने पौधरोपण महाभियान को धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का महायज्ञ बताया और इसमें हर व्यक्ति की तरफ से योगदान दिए जाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि धरती माता हम सबको अच्छा वातावरण देती हैं। आगे बढ़ने का अवसर, पेट भरने को अन्न, अच्छे-अच्छे फल, पीने के लिए जल देने के साथ घर की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करती हैं। धरती माता के बारे में हमारे ऋषियों ने संकल्प के भाव से कहा है, ..माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्यारू.. अर्थात यह धरती हमारी माता है और हम सब इसके पुत्र हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक पुत्र के रूप में धरती माता के प्रति उत्तरदायित्व का निर्वहन करने के लिए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ का आह्वान किया है। यह आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुंदर बनाने का राष्ट्रीय कर्तव्य है।