होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कंटेनर पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ किया हमला

होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कंटेनर पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ किया हमला

वॉशिंगटन/तेहरान, 13 जुलाई । होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर ईरानी हमले के बाद अमेरिका ने सोमवार तड़के ईरान पर नया हमला किया। कंटेनर जहाज पर ईरान के हमले में जहाज में आग लग गई और चालक दल का एक सदस्य लापता हो गया। इस घटना से क्षेत्र में तनाव बहुत ज़्यादा बढ़ गया है।.

ईरान ने उन देशों पर और हमले करके जवाब दिया जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं और चेतावनी दी कि हालिया अमेरिकी कदमों ने कूटनीति की संभावनाओं को लगभग खत्म कर दिया है। अमेरिका के ताज़ा हमले, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद हुए जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने उन्हें ज़ोरदार टक्कर दी है और दावा किया कि ईरान ने रणनीतिक जलमार्ग में एक वाणिज्यिक जहाज़ पर हमला करने से पहले एक कूटनीतिक समझौते पर सहमति व्यक्त की थी।

फिर से शुरू हुई लड़ाई के बावजूद, सोमवार सुबह तक इज़रायल इससे दूर ही रहा और न तो उसने अमेरिका के हालिया अभियान में हिस्सा लिया और न ही ऐसा लगा कि ईरान की जवाबी कार्रवाई का निशाना इज़रायल बना है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और एक बड़े समझौते की दिशा में बातचीत शुरू करने के मकसद से हुए अमेरिका-ईरान समझौते की बातचीत में इज़रायल शामिल नहीं था। रविवार देर रात से आज तक चले हमलों के तीसरे दौर के दौरान जारी एक बयान में अमेरिकी सेना ने कहा कि इन अभियानों का उद्देश्य होर्मुज़ से गुज़रने वाले वाणिज्यिक जहाज़ों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को कमज़ोर करना था।बाद में सेंटकॉम ने कहा कि ईरान की वायु रक्षा प्रणाणी, रडार अवसंरचना, मिसाइल एवं ड्रोन और छोटी नावों को निशाना बनाने के लिए फाइटर जेट, युद्धपोत, हवाई ड्रोन और समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। उसने यह भी कहा कि ईरान की लगातार आक्रामकता, धमकियों और दखलंदाज़ी के बावजूद अमेरिकी सेनाएं नौवहन की आज़ादी सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं।ईरान के सरकारी मीडिया ने देश के कई इलाकों में धमाकों की पुष्टि की है। रिपोर्ट है कि दक्षिण-पश्चिमी शहर माहशहर में एक पानी पंपिंग स्टेशन पर हुए धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।

रिपोर्टों से यह भी पता चला है कि दक्षिणी और पश्चिमी ईरान में हमले हुए हैं, जिनमें क़ेश्म द्वीप, होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास बंदर अब्बास और इराक़ की सीमा से लगे खुज़ेस्तान प्रांत के कुछ हिस्से शामिल हैं। ईरान के शक्तिशाली बल, आईआरजीसी ने अमेरिका के रुख़ को खारिज कर दिया और कहा कि इस जलमार्ग पर तेहरान का ही अधिकार है।सेना ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया, ओमान में रडार प्रणाली को नष्ट किया और जॉर्डन में प्रिंस हसन एयर बेस पर ईंधन एवं गोला-बारूद के ठिकानों को निशाना बनाया। बहरीन में, जहां अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा तैनात है, तीन बार मिसाइल सायरन बजे जबकि कुवैत ने कहा कि उसने दुश्मन के हमले को बीच में ही रोक दिया। इससे हुए नुकसान की कोई तत्काल रिपोर्ट नहीं मिली।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को एनबीसी से बात करते हुए दावा किया कि होर्मुज में एक जहाज़ पर हमला करने से पहले ईरान एक समझौते के लिए राज़ी हो गया था। श्री ट्रंप ने कहा, “हमारी उनके साथ बैठकें हुई थीं। वे कल एक समझौते के लिए राज़ी हो गए थे। हमारे लिए एक बेहतरीन समझौता। कोई परमाणु कार्यक्रम नहीं। उन्होंने सब कुछ छोड़ दिया और फिर एक घंटे के भीतर ही उन्होंने एक जहाज़ पर ड्रोन से हमला कर दिया।”

ईरान के विदेश मंत्रालय ने हालिया हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इनसे महीनों की कूटनीतिक कोशिशों को नुकसान पहुंचा है। मंत्रालय ने कहा, “अमेरिकी सरकार ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ज़रूरी इंतज़ाम लागू करने की ईरान की प्रक्रिया में खुलेआम दखल देकर, वहां असुरक्षा की स्थिति पैदा कर दी है और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक नौवहन में भी बाधा डाली है।”

एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि कई हमलों में मिसाइल प्रणाली, वायु रक्षा और रिवोल्यूशनरी गार्ड के नौसैनिक संसाधनों को निशाना बनाया गया। इससे पहले रविवार को अमेरिकी सेना ने कहा था कि उसने मिसाइल प्रक्षेपण स्थल, गोला-बारूद के डिपो और संचार अवसंरचना समेत करीब 140 ठिकानों पर हमले किए। इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी कि अगर बड़े पैमाने पर संघर्ष फिर से शुरू हुआ तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।ईरानी मीडिया ने खबर दी है कि हमलों में नौसेना का एक अधिकारी मारा गया। तेहरान का कहना है कि जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले ट्रैफ़िक की देखरेख सिर्फ़ उसे ही करनी चाहिए और उसने संकेत दिया है कि आगे चलकर जहाज़ों को गुज़रने के लिए पैसे देने पड़ सकते हैं। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर ग़ालिबाफ़ ने सोशल मीडिया पर लिखा, “एकतरफ़ा समझौतों का दौर अब खत्म हो चुका है। हमने आपसे कहा था कि अपनी बात पर कायम रहें या कीमत चुकाएं। हकीकत अब सामने आ रही है।” ईरान ने चेतावनी दी है कि जब तक शांति बहाल नहीं हो जाती होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा और कहा है कि अगर और हमले होते हैं तो क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य ठिकानों पर हमला किया जा सकता है।पाकिस्तान ने संयम बरतने की अपील दोहराते हुए ईरान के अधिकारियों के साथ फ़ोन पर बातचीत के बाद कहा कि विवाद को सुलझाने का एकमात्र व्यावहारिक समाधान बातचीत ही है।

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