
मुंबई, 14 जुलाई । यश राज फिल्म्स की आलिया भट्ट और शर्वरी अभिनीत एक्शन फिल्म ‘ऐल्फा’ में अभिनेता बॉबी देओल के डी-एजिंग इफेक्ट की हर ओर चर्चा हो रही है। फिल्म में बॉबी के युवा लुक को वायआरएफ के इन-हाउस वायएफएक्स स्टूडियोज़ ने अत्याधुनिक तकनीक की मदद से तैयार किया है।दुनियाभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही इस फिल्म ने अब तक 92.75 करोड़ रुपये से अधिक की वैश्विक कमाई की है। फिल्म के एक महत्वपूर्ण हिस्से में बॉबी देओल को उनकी शुरुआती फिल्मों ‘सोल्जर’, ‘गुप्त’ और ‘बरसात’ के दौर के युवा रूप में दिखाया गया है, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा है।
निर्देशक शिव रवैल ने कहा कि डी-एजिंग इफेक्ट का उद्देश्य केवल तकनीकी प्रदर्शन नहीं, बल्कि कहानी के भावनात्मक प्रभाव को और मजबूत बनाना था। उन्होंने कहा कि कोशिश यही रही कि तकनीक दर्शकों को महसूस न हो और उनका ध्यान केवल कहानी तथा अभिनय पर केंद्रित रहे।बॉबी देओल ने कहा कि अपने चेहरे से वर्षों का असर गायब होते देखना उनके लिए एक अनोखा अनुभव था। उन्होंने कहा कि तकनीक काफी आगे बढ़ चुकी है, लेकिन किसी भी किरदार की भावनाओं को सच्चाई के साथ प्रस्तुत करना अंततः अभिनेता की जिम्मेदारी होती है।
वायएफएक्स स्टूडियोज़ की प्रमुख और वायएफएक्स सुपरवाइज़र शेरी भारदा ने बताया कि स्टूडियो ने पहली बार पूरे सीक्वेंस में बड़े स्तर पर एआई और वीएफएक्स का संयुक्त उपयोग किया। उन्होंने कहा कि सीमित संदर्भ सामग्री के बावजूद टीम ने त्वचा, झुर्रियों और आंखों की अभिव्यक्ति जैसी बारीकियों पर विशेष ध्यान दिया, ताकि डी-एजिंग पूरी तरह स्वाभाविक लगे और अभिनय की भावनाएं भी बरकरार रहें।उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वायएफएक्स स्टूडियोज़ के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह दर्शाती है कि स्टूडियो विश्वस्तरीय फिल्म निर्माण तकनीक के विकास में लगातार निवेश कर रहा है।आदित्य चोपड़ा निर्मित और शिव रवैल निर्देशित ‘ऐल्फा’ में आलिया भट्ट, शर्वरी, बॉबी देओल और अनिल कपूर ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म फिलहाल दुनियाभर के सिनेमाघरों में सफलतापूर्वक प्रदर्शित हो रही है।