
लखनऊ, 15 जुलाई । उत्तर प्रदेश सरकार ने दावा किया है कि राज्य लगातार 30 हजार मेगावाट से अधिक की पीक डिमांड पूरी करते हुए देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। ऊर्जा विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश ने बिजली आपूर्ति के मामले में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।ऊर्जा विभाग के मुताबिक 14 जुलाई को प्रदेश में 30,457 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई। इससे पहले 13 जुलाई को 29,827 मेगावाट, 12 जुलाई को 30,598 मेगावाट, 11 जुलाई को 29,041 मेगावाट तथा 10 जुलाई को 26,571 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई, जो इन दिनों देश में सर्वाधिक रही।
सरकार का कहना है कि प्रभावी प्रबंधन, मजबूत विद्युत अवसंरचना और सतत निगरानी के कारण प्रदेश में बढ़ती मांग के बावजूद निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।ऊर्जा विभाग के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित 18 घंटे के शेड्यूल से अधिक समय तक बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं नगरों, तहसील मुख्यालयों तथा औद्योगिक क्षेत्रों में भी निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की टीमें प्रदेशभर में चौबीसों घंटे बिजली व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आंधी और बारिश के दौरान जहां कहीं तकनीकी खराबियां सामने आती हैं, वहां फील्ड टीमें तत्काल मरम्मत कर कम से कम समय में बिजली आपूर्ति बहाल कर रही हैं। मानसून के मद्देनजर अनुरक्षण अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसके तहत बिजली लाइनों के निकट पेड़ों की शाखाओं की नियमित छंटाई कराई जा रही है ताकि तेज हवा और बारिश के दौरान आपूर्ति बाधित न हो।यूपीपीसीएल ने नागरिकों से बरसात के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा है कि टूटे हुए विद्युत तारों, ट्रांसफॉर्मरों, बिजली के खंभों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। किसी भी विद्युत संबंधी दुर्घटना अथवा खतरे की सूचना तत्काल 1912 हेल्पलाइन या निकटतम बिजली कार्यालय को दें।
अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा एवं उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि प्रदेश में विद्युत आपूर्ति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है तथा सभी उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।