
कानपुर, 15 जुलाई। उत्तर प्रदेश के कानपुर में मानसून के दौरान गंगा नदी के जलस्तर की निगरानी के क्रम में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को गंगा बैराज स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर जलस्तर तथा बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से दैनिक जलस्तर, संभावित परिस्थितियों और राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की जानकारी ली।जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ नियंत्रण कार्यालय के अनुसार बुधवार सुबह आठ बजे गंगा बैराज पर अपस्ट्रीम जलस्तर 112.500 मीटर तथा डाउनस्ट्रीम जलस्तर 111.900 मीटर दर्ज किया गया। बैराज से 88,557 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यहां चेतावनी स्तर 114.000 मीटर तथा खतरे का निशान 115.000 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी स्तर से 1.50 मीटर और खतरे के निशान से 2.50 मीटर नीचे है। वहीं शुक्लागंज गेज पर जलस्तर 110.510 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित चेतावनी एवं खतरे के स्तर से काफी नीचे है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लगातार वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों तथा जलभराव वाले स्थानों पर चेतावनी संकेतक अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। इसी क्रम में परमट घाट, अटल घाट, भैरव घाट सहित बिल्हौर तहसील एवं सदर क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, ताकि लोग गहरे पानी वाले क्षेत्रों की पहचान कर सकें और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।उन्होंने आमजन से अपील की कि वर्षा ऋतु के दौरान गहरे पानी में स्नान न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। जिलाधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार संभावित बाढ़ अथवा किसी भी आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। राहत सामग्री, भोजन एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है तथा राहत किट वितरण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
श्री सिंह ने कहा कि गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य के लिए पहली बार कानपुर में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक इकाई उपलब्ध रहेगी, जिसे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल तैनात किया जाएगा।निरीक्षण के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट एवं सदर उपजिलाधिकारी अनुभव सिंह, तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी तथा बाढ़ नियंत्रण एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।