
कानपुर नगर, 23 जुलाई । उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर दर्ज राजस्व एवं अन्य विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान खराब प्रगति पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए पांच अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। साथ ही कई अधिकारियों को चेतावनी जारी करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए।
सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी पत्र प्राप्त अधिकारियों को आगाह किया कि कार्य में सुधार नहीं होने पर भविष्य में और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा के दौरान लक्ष्य के सापेक्ष आबकारी विभाग की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने तथा विभाग के लगातार ‘डी’ श्रेणी में रहने पर जिला आबकारी अधिकारी राजेश कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार मंडी आय में खराब प्रदर्शन पर मंडी सचिव विजन बालियान के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने तथा बिना पूर्व अनुमति बैठक से अनुपस्थित रहने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश जारी किए गए। खराब प्रगति पर जिला प्रोबेशन अधिकारी, एडीओ पंचायत पतारा तथा खनन अधिकारी पारसनाथ यादव को भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए गए।
आईजीआरएस की समीक्षा में नगर निगम की शिकायतों के निस्तारण की स्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि नगर निगम से संबंधित कुल 1,574 शिकायतों में से 759 मामलों में असंतोषजनक फीडबैक प्राप्त हुआ है। इसे गंभीर मानते हुए नगर निगम के आईजीआरएस नोडल अधिकारी एवं अपर नगर आयुक्त को चेतावनी पत्र जारी करने तथा शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।
राजस्व वसूली की धीमी प्रगति पर भी जिलाधिकारी ने असंतोष जताते हुए एआईजी स्टांप को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए।
तहसीलों की समीक्षा के दौरान अंश निर्धारण के मामलों में खराब प्रगति मिलने पर चारों तहसीलों को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही धारा-24 एवं धारा-116 के लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण के लिए विशेष अभियान एवं अंश निर्धारण शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को राजस्व संबंधी प्रकरणों की नियमित निगरानी करने तथा विद्युत देयकों की वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. विवेक चतुर्वेदी, अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम सदर अनुभव सिंह, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे