
लखनऊ, 15 अगस्त। उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एवं राज्यसभा सांसद बृजलाल ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में नकल माफिया को संरक्षण मिला, जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई।श्री बृजलाल ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि वर्ष 1993 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में नकल विरोधी अध्यादेश समाप्त किए जाने के बाद प्रदेश में नकल माफिया की जड़ें मजबूत हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि इटावा समेत कई क्षेत्रों में नकल के संगठित केंद्र विकसित हो गए, जिससे उत्तर प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचा और मेधावी छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
उन्होंने कहा कि नकल और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं का असर केवल शैक्षणिक परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पीसीएस, पुलिस भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं पर भी सवाल खड़े हुए। उन्होंने दावा किया कि सपा शासन के दौरान कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करनी पड़ी थी।कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों के विलय के मुद्दे पर श्री बृजलाल ने कहा कि जिन विद्यालयों में 10 से 15 छात्र ही अध्ययनरत थे, उन्हें बड़े विद्यालयों में समायोजित किया गया है ताकि उपलब्ध संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि जहां विद्यालयों के बीच दूरी अधिक है, वहां विशेष प्रावधानों के तहत स्थानीय स्तर पर व्यवस्था बनाए रखी गई है।
उन्होंने बताया कि पुराने विद्यालय भवनों का उपयोग प्री-प्राइमरी शिक्षा के लिए किया जा रहा है तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को भी प्रारंभिक शिक्षा से जोड़ा गया है। इसके माध्यम से बच्चों को विद्यालयी शिक्षा से पहले बुनियादी शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।राज्यसभा सांसद ने कहा कि शिक्षकों की तैनाती छात्र संख्या के अनुपात में की जा रही है, ताकि बड़े विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
विकास के मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए श्री बृजलाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है और प्रदेश में लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति का सकारात्मक प्रभाव राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है।कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपा को घेरते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में दंगे, रंगदारी, अपहरण और माफिया गतिविधियां आम थीं, जिससे निवेश का माहौल प्रभावित होता था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था में सुधार और बेहतर निवेश वातावरण के कारण प्रदेश तेजी से विकास की ओर अग्रसर है।