श्रावण मास में काशी पांच जोन और 15 सेक्टर में होगा विभाजित

श्रावण मास में काशी पांच जोन और 15 सेक्टर में होगा विभाजित

वाराणसी, 24 जुलाई। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल एवं जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने आगामी श्रावण मास तथा यातायात जाम में कमी लाने की योजना (आरटीसी) के तहत गुरुवार की शाम प्रमुख मार्गों का निरीक्षण कर कांवड़ यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और निर्बाध यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।दोनों अधिकारियों ने गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक पैदल भ्रमण कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा, यातायात प्रबंधन तथा भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने बताया कि श्रावण मास में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए पूरे शहर को पांच जोन और 15 सेक्टर में विभाजित किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पांच आईपीएस अधिकारियों, 50 राजपत्रित अधिकारियों तथा लगभग 5,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

उन्होंने बताया कि श्रावण सोमवार और महाशिवरात्रि के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तथा प्रमुख मार्गों पर विशेष सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था रहेगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन की सुविधा मिल सके। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग की जाएगी तथा खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे बिछड़े हुए लोगों को शीघ्र उनके परिजनों से मिलाया जा सके।पुलिस आयुक्त ने बताया कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, मंदिर मार्गों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जो संदिग्ध एवं असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखेंगे। उन्होंने कहा कि शहर का लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र पहले से ही सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में है। श्रावण मास के दौरान ‘त्रिनेत्र’ प्रणाली के माध्यम से प्रमुख मार्गों, संवेदनशील स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की सतत निगरानी की जाएगी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र तथा रेलवे स्टेशन पर स्थापित कंट्रोल रूम से भी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।

गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बाढ़ राहत पुलिस, जल पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर प्रशिक्षित निजी गोताखोरों की भी तैनाती की जाएगी। श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए घाटों पर ‘डीप वाटर बैरिकेडिंग’ की व्यवस्था रहेगी।कांवड़ यात्रियों के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए प्रयागराज से मोहनसराय तक एक लेन आरक्षित रखी जाएगी। कांवड़ मार्ग पर अस्थायी पुलिस बूथ, विश्राम स्थल और चिकित्सा सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक चार किलोमीटर पर पीआरवी अथवा फैंटम टीम तैनात रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

उन्होंने कहा कि श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे का संचालन न्यायालय द्वारा निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुरूप ही होगा। डीजे की ऊंचाई और स्वरूप भी सुरक्षा मानकों के अनुरूप रखा जाएगा, जिससे किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे। पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी सुनिश्चित करें।

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